देवघर- बाबा बैद्यनाथ धाम को विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा. अयोध्या की तर्ज पर 30 एकड़ में भव्य कॉरिडोर का निर्माण होगा, जो बेहतर यातायात व्यवस्था और आधुनिक तीर्थ सुविधाओं से लैस होगा.
नया कॉरिडोर बेहतर यातायात व्यवस्था, पैदल यात्रियों के लिए विशेष क्षेत्र और आधुनिक तीर्थ सुविधाओं से लैस होगा. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद एनआइटी पटना बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर परिसर के व्यापक विकास का खाका बना रहा है.
योजना के पहले चरण में करीब 30 एकड़ क्षेत्र में मंदिर कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव है. बाबाधाम को देवघर के चार प्रमुख प्रवेश मार्गों से जोड़ने की तैयारी है. इसके लिए अलग-अलग तीर्थयात्री पहुंच मार्ग विकसित किए जाएंगे.
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बाबाधाम के विकास प्लान में मंदिर के आसपास 750 मीटर क्षेत्र को ‘कोर हेरिटेज जोन’ बनाने का प्रस्ताव है. यह क्षेत्र पूरी तरह श्रद्धालु केंद्रित होगा. इस जोन में पैदल यात्रियों को प्राथमिकता दी जाएगी.
निजी वाहनों की आवाजाही सीमित होगी. अतिक्रमण और अव्यवस्थित निर्माण पर रोक होगी और केवल आपातकालीन वाहन, मंदिर प्रशासन और अधिकृत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेवाओं की अनुमति होगी.
कोर हेरिटेज जोन के बाहर 750 से 1000 मीटर क्षेत्र को ‘मैनेजमेंट जोन’ के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है. यह क्षेत्र मंदिर और शहर के बीच एक ट्रांजिशन एरिया के रूप में काम करेगा. यहां तीर्थयात्री सुविधा केंद्र, मल्टी लेवल पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन इंटरचेंज, विश्राम स्थल व अन्य सहायक सुविधाएं विकसित होंगे.
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नई योजना में 20 मीटर चौड़ा इमरजेंसी एक्सेस कॉरिडोर भी प्रस्तावित है. यह मार्ग हमेशा खुला रहेगा और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण से मुक्त रखा जाएगा. भीड़ के दौरान दुर्घटना, स्वास्थ्य आपातकाल या सुरक्षा संबंधी स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से किया जा सकेगा.








