रांची- झारखंड में लंबे समय तक सक्रिय रहे 3 माओवादियों ने हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण कर दिया है. तीनों ने पश्चिम बंगाल पुलिस के सामने हथियार डाल दिए हैं. झारखंड पुलिस मुख्यालय ने तीनों इनामी नक्सलियों के समर्पण की पुष्टि की है. तीनों के खिलाफ कुल 81 मामले दर्ज हैं.
सरेंडर करने वालों में पूर्वी सिंहभूम के पटमदा निवासी और इनामी माओवादी रीजनल कमेटी सदस्य राम प्रसाद मार्डी उर्फ सचिन, उसकी पत्नी और इनामी जोनल कमेटी सदस्य मीता उर्फ नयनतारा और इनामी महिला कैडर बुलू उर्फ गौरी शामिल हैं.
राम प्रसाद मार्डी को संगठन का महत्वपूर्ण सदस्य माना जाता था. वह माओवादी संगठन में रीजनल कमेटी सदस्य के पद पर सक्रिय था. उस पर इनाम घोषित था. सरेंडर के दौरान राम प्रसाद ने अपनी AK-47 राइफल भी पुलिस को सौंप दिए हैं.
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राम प्रसाद मूल रूप से झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा का रहने वाला है, लंबे समय से वह माओवादी संगठन से जुड़कर झारखंड और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय था. संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होने के कारण उसकी गतिविधियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए लगातार चुनौती बनी हुई थीं.
राम प्रसाद की पत्नी मीता उर्फ नयनतारा भी माओवादी संगठन की सक्रिय सदस्य थी. वह पश्चिम मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम थाना क्षेत्र के सोनाचूड़ा की रहने वाली है. संगठन में उसे जोनल कमेटी सदस्य की जिम्मेदारी मिली हुई थी. मीता पर भी 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था.
सरेंडर करने वाली तीसरी माओवादी बुलू उर्फ गौरी है. वह पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सालबनी थाना क्षेत्र के करमसोल की रहने वाली है और मदन महतो की पत्नी है. बुलू संगठन की सक्रिय कैडर के रूप में काम कर रही थी. उस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित था.
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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, रामप्रसाद मंडी उर्फ महादेव उर्फ सचिन उर्फ सुनील, के खिलाफ झारखंड में कुल 44 मामले दर्ज हैं. इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, पुलिस बल पर हमला, हथियार और विस्फोटक अधिनियम समेत कई गंभीर धाराएं शामिल हैं.
मीता उर्फ नयनतारा उर्फ झुम्पा उर्फ पोरी उर्फ नूतन पर झारखंड में इनाम है. उसके खिलाफ कुल 19 मामले दर्ज हैं. मीता के खिलाफ दर्ज मामलों में पुलिस और सुरक्षा बलों पर हमला, आईईडी विस्फोट, हत्या के प्रयास और प्रतिबंधित संगठन से जुड़े आरोप शामिल हैं. रिकॉर्ड में 2023 के टोंटो क्षेत्र के आईईडी विस्फोट में शामिल रहने का भी आरोप है.
गौरी उर्फ बुल्लू उर्फ जोबा उर्फ बुदई, मदन महतो उर्फ चरण की पत्नी है. वह भाकपा माओवादी की सब-जोनल कमेटी की सदस्य बताई गई है. उसके खिलाफ कुल 18 मामले दर्ज हैं.
गौरी से जुड़े मामलों में पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़, आईईडी विस्फोट, हत्या, हत्या के प्रयास, हथियार और विस्फोटक अधिनियम तथा यूएपीए से संबंधित धाराएं शामिल हैं. 2025 में जराईकेला और छोटानागरा क्षेत्र में हुई नक्सली घटनाओं का भी रिकॉर्ड में उल्लेख है.
दरअसल, झारखंड के दलमा से सटे जंगलों में नक्सलियों के बचे हुए नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे. जंगलों में सर्च ऑपरेशन और गांव-गांव नक्सलियों के पोस्टर लगाने से संगठन पर दबाव बढ़ा था, इसी दबाव के बीच इनामी तीन नक्सलियों ने पश्चिम बंगाल में हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण कर दिया.








