डेस्क- नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ के बाद अब तक 359 शव बरामद किए जा चुके हैं। गुरुवार शाम 5 बजे तक चितवन जिले में सबसे ज्यादा 132 शव मिले हैं।
करीब 1,500 लोगों की तलाश जारी है। इनमें 288 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। वहीं, 21 भारतीयों को सुरक्षित बचाया गया है, जिनमें से 11 की पहचान हो चुकी है।
इसी बीच प्रशासन ने भोटेकोशी नदी में फिर बाढ़ के खतरे का अलर्ट जारी किया है। चीन से मिली सैटेलाइट तस्वीरों में बाढ़ वाली जगह पर नदी का पानी रुकने से एक झील बनने की जानकारी मिली है। झील में पानी बढ़ रहा है और इसके टूटने का खतरा भी बना हुआ है।
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भोटेकोशी नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों, यात्रियों और राहत-बचाव में जुटे लोगों को नदी किनारे और जोखिम वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।
बाढ़ और भूस्खलन से हुई तबाही के बाद लंदन में रहने वाला नेपाली समुदाय मदद के लिए आगे आया है। प्लमस्टेड स्थित श्री पशुपतिनाथ मंदिर में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए डोनेशन बॉक्स रखा गया है।
मंदिर आने वाले लोग अपनी इच्छा से आर्थिक सहयोग दे रहे हैं। यह राशि नेपाल में आपदा से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए दी जाएगी। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद रसुवा से रेस्क्यू किए गए भारतीय नागरिकों को नुवाकोट के मैथिली बैरक में ठहराया गया है। फिलहाल यहां आपदा प्रभावित लोगों को रखा जा रहा है।
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वहीं, नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन में मारे गए लोगों की पहचान के लिए काठमांडू की मॉर्चुरी के बाहर मृतकों की तस्वीरें लगाई गई हैं। परिजन इन तस्वीरों के जरिए अपने लापता लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं।








