पटना- पटना में एक तरफ प्रोफेसर बहाली में उम्र सीमा बढ़ाने की मांग को लेकर शोधार्थी कुमुद पटेल पिछले 15 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं, तो दूसरी तरफ लंबित शिक्षक बहाली, प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी, पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जैसे मुद्दों को लेकर प्रतियोगी छात्रों ने भी मोर्चा खोल दिया है.
मंगलवार से छात्र नेता दिलीप के नेतृत्व में महाधरना शुरू हुआ, जबकि इससे पहले अमन यादव ने भी छात्रों की मांगों को लेकर अनशन शुरू कर दिया है.
कुछ परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोप सामने आए तो कहीं परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित करनी पड़ी, जबकि कुछ मामलों में परीक्षा रद्द नहीं किए जाने को लेकर भी सवाल उठे. ऐसे में प्रतियोगी छात्रों के बीच यह सवाल गहरा रहा है कि आखिर उनकी तैयारी, उम्र और समय की जिम्मेदारी कौन लेगा?
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आंदोलन का सबसे बड़ा मुद्दा चौथे चरण की शिक्षक बहाली है. छात्र नेता दिलीप का कहना है कि शिक्षक बहाली की प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है और अभ्यर्थी लगातार सरकार से नोटिफिकेशन जारी करने की मांग कर रहे हैं. उनके मुताबिक सरकार की ओर से कई बार जल्द बहाली शुरू करने का भरोसा दिया गया लेकिन अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म नहीं हुआ.
हालांकि प्रदर्शन के शुरू होते ही सरकार ने चौथे चरण की शिक्षक भर्ती यानी TRE-4 का विज्ञापन जारी कर दिया है. शिक्षा विभाग की तरफ से विद्यालय अध्यापक के कुल 32,388 रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया है.
ऑनलाइन आवेदन एवं शुल्क भुगतान की प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होगी. शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि 29 सितंबर 2026 और ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है.
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छात्र नेता दिलीप ने ये भी कहा कि चौथे चरण की शिक्षक बहाली में सिर्फ एक परीक्षा का प्रावधान होना चाहिए. उनका तर्क है कि सरकार के परीक्षा कैलेंडर के अनुसार यह भर्ती प्रक्रिया पहले ही पूरी हो जानी चाहिए थी.
ऐसे में अब प्रक्रिया को और लंबा नहीं खींचा जाना चाहिए. प्रीलिम्स और मेंस जैसी दो स्तरीय परीक्षा व्यवस्था को पांचवें चरण की शिक्षक बहाली से लागू करने की मांग की गई है.
छात्रों का आक्रोश सिर्फ शिक्षक बहाली तक सीमित नहीं है. आंदोलनकारियों ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग यानी BSSC की द्वितीय इंटर स्तरीय भर्ती परीक्षा को भी बड़ा मुद्दा बनाया है. दिलीप के मुताबिक करीब 32 हजार पदों के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, लेकिन परीक्षा की प्रक्रिया लंबे समय से आगे नहीं बढ़ पाई है.
वहीं, छात्रों का कहना है कि वह वर्षों से इस परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं. परीक्षा की तारीख को लेकर स्पष्टता नहीं होने से अभ्यर्थियों की तैयारी और उम्र दोनों पर असर पड़ रहा है. आंदोलनकारी मांग कर रहे हैं कि BSSC इंटर स्तरीय परीक्षा की तारीख जल्द घोषित की जाए और भर्ती प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए.








