रांची- झारखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। चाईबासा, रांची (अनगड़ा) और सरायकेला-खरसावां जैसे जिलों में भारी बारिश के कारण कई कच्चे व मिट्टी के घर ढह गए हैं, नदियां उफान पर हैं और कई इलाकों में जलभराव से भारी नुकसान हुआ है।
चाईबासा के अमला टोला और रांची के अनगड़ा में लगातार बारिश से कई मिट्टी के घर भरभराकर गिर गए, जिससे गृहस्थी का सामान और अनाज नष्ट हो गया। मूसलाधार बारिश के चलते राज्य की कई प्रमुख नदियां जैसे खरकई और संजय नदी खतरे के निशान के ऊपर या उफान पर बह रही हैं।
बारिश के कारण जमशेदपुर के गांधीटोला और गुरुद्वारा रोड जैसे निचले इलाकों की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। गांधीटोला में सोमवार शाम से ही घुटने भर जलजमाव है, और दर्जनों घरों के कमरों व आंगनों में पानी घुस गया है। वहीं ऊपर टुंगरी में नाली का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ गई है।
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बारिश का पानी पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के परिसर, जुबली पार्क, कोल्हान डीआईजी आवास के मुख्य गेट और जिला मत्स्य कार्यालय तक पहुंच गया है। जुबली तालाब का जलस्तर बढ़ने से ओवरफ्लो की स्थिति पैदा हो गई है, जबकि महुलसाई का प्रसिद्ध शिवलिंग भी जलमग्न हो चुका है। सड़कों पर खड़ी दर्जनों मोटरसाइकिलें और कारें पानी में डूब गई हैं.
जेएमपी चौक के पास अमला टोला में भारी बारिश की वजह से मिट्टी का एक जर्जर मकान अचानक ढह गया। हादसे के वक्त घर में मौजूद एक ही परिवार के 4 सदस्य मलबे में दब गए।
स्थानीय लोगों की तत्परता से त्वरित राहत कार्य चलाकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलने पर प्रशासन द्वारा बेघर हुए पीड़ित परिवार को पास की धर्मशाला में स्थानांतरित कर उनके भोजन और पानी की व्यवस्था की गई है।
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मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक भारी बारिश का अनुमान व्यक्त किया है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन लगातार प्रभावित क्षेत्रों पर निगरानी बनाए हुए है। अधिकारियों ने निचले इलाकों और जर्जर मकानों में रहने वाले नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
राजधानी रांची के गेतलसूद डैम में भी पानी की आवक बढ़ने से जलस्तर 1933 आरएल फीट तक पहुंच गया है. जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए संबंधित विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है.
गुमला जिले में मंगलवार की सुबह से लगातार बारिश होने के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा. सड़कों पर जगह-जगह पानी जमा होने से राहगीरों और वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ गयीं.
वहीं, टाटा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-33 पर चांडिल गोलचक्कर के पास मंगलवार सुबह पहाड़ का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर सड़क पर गिर गया. पिछले चार दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण मिट्टी और पत्थर के ढीले पड़ने को इसकी वजह बताया गया है. गनीमत रही कि जिस समय मलबा सड़क पर गिरा, उस दौरान वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था. इससे बड़ा हादसा टल गया.








