रांची- 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जारी छात्र आंदोलन के बीच एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई.
दरअसल, अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्र महतो ने स्वतंत्रता दिवस के दिन अस्पताल से बाहर निकलकर तिरंगा यात्रा में शामिल होने की कोशिश की.
अस्पताल प्रबंधन की ओर से उनको इसकी इजाज़त नहीं दी गयी. इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ उनकी धक्का-मुक्की का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं.
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वीडियो में देवेंद्र नाथ महतो अस्पताल से बाहर निकलने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं. इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ उनकी धक्का-मुक्की होती नजर आ रही है.
अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी. देवेंद्र नाथ महतो के समर्थकों का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर अस्पताल में रोका गया और स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई.
वहीं डॉक्टरों के मुताबिक, देवेंद्र नाथ महतो की वर्तमान शारीरिक स्थिति ऐसी नहीं है कि उन्हें अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति दी जा सके. डॉक्टर ने बताया कि डॉक्टरों की टीम ने उन्हें फिलहाल अस्वस्थ पाया है और उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें तिरंगा यात्रा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई.
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अनशनकारी देवेंद्रनाथ महतो के साथ रांची के सदर अस्पताल में हुए कथित दुर्व्यवहार को लेकर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के केंद्रीय अध्यक्ष एवं डुमरी विधायक जयराम महतो ने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जतायी है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर यह कैसी आजादी है?
जयराम महतो ने कहा कि देवेंद्रनाथ महतो के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार को पूरा राज्य देख रहा है. उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन में शामिल लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए.
प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए आंदोलन की आवाज को दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है. उन्होंने युवाओं से अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाते रहने का भी आह्वान किया.








