पटना- नीट री एग्जाम में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए दानापुर मंडल ने 21 जून को छह परीक्षा स्पेशल ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया. रेलवे के इस कदम का उद्देश्य परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने वाले छात्रों को सुगम और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है.
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा के दिन अभ्यर्थियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए विभिन्न रूटों पर विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा, ताकि परीक्षार्थियों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो.
पटना, बक्सर, जसीडीह, दानापुर, गयाजी के बीच ट्रेनें: इन स्पेशल ट्रेनों में पटना जंक्शन से दरभंगा, बक्सर से पटना, पटना से बक्सर, जसीडीह से दानापुर, दानापुर से जसीडीह तथा पटना से गया के बीच ट्रेनें चलाई जाएंगी.
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रेलवे की ओर से जारी समय-सारिणी के अनुसार, पहली परीक्षा स्पेशल ट्रेन 21 जून को सुबह 4:30 बजे पटना जंक्शन से रवाना होकर सुबह 9:30 बजे दरभंगा पहुंचेगी.
दूसरी ट्रेन बक्सर से सुबह 6:30 बजे चलकर 9:15 बजे पटना पहुंचेगी. वहीं, तीसरी ट्रेन शाम 6:20 बजे पटना से रवाना होकर रात 9:05 बजे बक्सर पहुंचेगी.
इसके अलावा, चौथी स्पेशल ट्रेन जसीडीह से सुबह 3:40 बजे चलकर सुबह 9:00 बजे दानापुर पहुंचेगी, जबकि पांचवीं ट्रेन शाम 6:15 बजे दानापुर से रवाना होकर रात 11:00 बजे जसीडीह पहुंचेगी. छठी ट्रेन पटना जंक्शन से सुबह 6:00 बजे प्रस्थान कर सुबह 9:00 बजे गया पहुंचेगी.
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21 जून को होने वाली नीट परीक्षा को देखते हुए बिहार पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस यूनिट (ईओयू) निगरानी और सुरक्षा के इंतजाम कड़े कर दिए हैं. परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए, एजेंसी ने एक स्पेशल मॉनिटरिंग सेल बनाया है और कई संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है.
ईओयू के अनुसार, उन 135 लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है, जिनकी पहचान पहले प्रतियोगी परीक्षाओं में धोखाधड़ी, पेपर लीक, किसी और की जगह परीक्षा देने और दूसरी गड़बड़ियों से जुड़े मामलों में हुई थी.
वहीं, ईओयू ने एक पब्लिक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उम्मीदवारों, माता-पिता और अभिभावकों से परीक्षा के दौरान धोखेबाजों और गलत जानकारी फैलाने वाले कैंपेन से सावधान रहने को कहा गया है.
इसके साथ ही चेतावनी दी है कि साइबर अपराधी और असामाजिक तत्व छात्रों को ठगने की कोशिश कर सकते हैं. वे पैसे के बदले प्रश्न पत्र, उत्तर कुंजी या पक्की सफलता दिलाने का दावा करते हुए फर्जी फोन कॉल, मैसेज, ईमेल और सोशल मीडिया पोस्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं.








