पटना- बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में कथित रूप से पुलिस मुठभेड़ में एक युवक भरत तिवारी की मौत का मामला गरमा गया है. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी सरकार को घेरते हुए बिहार पुलिस पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि भरत तिवारी का फेक एनकाउंटर बिहार पुलिस ने किया है. जाति देखकर कई बार फेक एनकाउंटर हुआ.
गौरतलब है कि भरत तिवारी एनकाउंटर पर विपक्ष ही नहीं सत्ता पक्ष भी लगातार सवाल उठा रहा है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता अश्विनी चौबे ने भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर पुलिस पर सवाल उठाए हैं.
अश्विनी चौबे ने कहा कि भरत तिवारी ने हथियार डाल दिया था. उसके बाद किया गया एनकाउंटर पूरी तरह गलत है. इस मामले में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त एक्शन होना चाहिए. जरुरत हो तो उन्हें मृत्युदंड तक दिया जाना चाहिए क्योंकि कानून से ऊपर कोई नहीं.
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उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग भी की है. उन्होंने कहा कि इस तरह की पुलिसिया कार्रवाई से पुलिस पर सवाल खड़े होते हैं और समाज में गलत संदेश जाता है.
वहीं, इस मामले पर बिहार कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा, ‘बीजेपी की जातीय नफरती राजनीति का शिकार हो गए भोजपुर के भारत भूषण तिवारी. देश भर में दलित, आदिवासी, यादव, अल्पसंख्यक और ब्राह्मण बीजेपी की नफरती राजनीति का शिकार हो रहे हैं. फर्जी मुकदमों के जरिए इन्हें जेल भेजा जा रहा है और फर्जी मुठभेड़ों में इनकी हत्या की जा रही है.’
इस मामले पर राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा, ‘भारत तिवारी ने हथियार डाल दिया था क्यों एनकाउंटर किया गया और आदेश देने में किन लोगों की भूमिका है? इसकी जांच हो.
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पुलिस ने खुद कहा था की उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं है तो फिर एका एक उस पर पुलिस ने क्यों गोली चलाई? पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है. बिहार सरकार को जवाब देना होगा.
बिना जांच के एनकाउंटर हो रहे हैं. जिस तरह से माहौल बनाया जा रहा है. आने वाले समय में समाज को परिणाम भुगतना पड़ सकता है. अब कॉस्ट एंगल दिया जा रहा है.’








