डेस्क- उत्तर प्रदेश के आगरा पुलिस कमिश्नरेट के थाना किरावली से थर्ड डिग्री टॉर्चर का गंभीर मामला सामने आया है. हत्या के एक मामले में पूछताछ के दौरान 35 वर्षीय राजू के साथ पुलिस द्वारा बर्बरता किए जाने का आरोप लगाया गया है. पीड़ित राजू, उसके पिता, मां और भाई ने पुलिस की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर सवाल खड़े किये हैं.
पीड़ित राजू का आरोप है कि थाने में उससे करीब एक घंटे तक बेरहमी से मारपीट की गई. दोनों पैरों को शाल से बांधकर ऊपर लटकाया गया और डंडों से पैरों पर वार किए गए. वह दर्द से तड़पता रहा, लेकिन किसी ने रहम नहीं किया.
परिजनों का दावा है कि लगातार पिटाई के कारण राजू के दोनों पैरों की हड्डियां टूट गईं. हालत बिगड़ने पर पुलिस उसे निजी वाहन से किरावली अस्पताल ले गई. भर्ती के दौरान परिवार के सदस्यों को उससे मिलने नहीं दिया गया और पुलिसकर्मी हर वक्त निगरानी करते रहे.
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परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने मामले को दबाने की कोशिश की. आरोप है कि पुलिस ने दस हजार रुपये देकर समझौते का दबाव बनाया गया. दरअसल, यह पूरा मामला थाना किरावली क्षेत्र में छह अगस्त को किसान वनवीर सिंह की संदिग्ध मौत से जुड़ा है. गले पर निशान मिलने के बाद पुलिस ने हत्या की आशंका जताई थी और इसी मामले में पूछ-ताछ की जा रही थी.
मामला सामने आने के बाद थाना प्रभारी, एक उपनिरीक्षक और एक बीट आरक्षी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है.अछनेरा के एसीपी राम प्रवेश गुप्ता का तबादला कर दिया गया है.
इधर, मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई गई है. आयोग ने केस दर्ज कर पुलिस से रिपोर्ट तलब की है.
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