पटना- पटना स्थित मुख्य सचिवालय के मंत्रिमंडल कक्ष में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कुल 27 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र यादव समेत मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य मौजूद रहे।
कैबिनेट बैठक में राज्य के सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया गया। अब बिहार सरकार स्वास्थ्य योजना के तहत सरकारी कर्मियों और उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इससे इलाज की प्रक्रिया अधिक आसान और सुविधाजनक हो जाएगी।
इस योजना का लाभ बिहार विधान मंडल के वर्तमान एवं पूर्व सदस्यों, उनके आश्रितों, अखिल भारतीय सेवा के सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों तथा उनके परिजनों को भी मिलेगा। इसके अलावा राज्य सरकार के नियमित अधिकारी-कर्मचारी, सेवानिवृत्त पेंशनधारी कर्मी (पति-पत्नी) और पारिवारिक पेंशनर भी इस सुविधा के दायरे में शामिल होंगे।
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सरकार का मानना है कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू होने से सरकारी कर्मियों और जनप्रतिनिधियों को इलाज के दौरान आर्थिक और प्रशासनिक परेशानियों से राहत मिलेगी।
शेखपुरा में आईबी कार्यालय के निर्माण के लिए 27.48 एकड़ जमीन 6 करोड़ 24 लाख 2400 रुपए के भुगतान पर SIB भारत सरकार को हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी गई है.
बेगूसराय में 21 एकड़ जमीन उपकारा के निर्माण के लिए गृह विभाग पटना को निशुल्क हस्तांतरित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है. बिहार में बालू घाटों की बंदोबस्ती को लेकर बिहार राज खनन निगम लिमिटेड को एजेंसी घोषित कर दिया गया है.
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सीनियर रेजिडेंट तथा बिहार चिकित्सा शिक्षा सेवा भर्ती नियुक्ति एवं संशोधन नियमावली 2026 की स्वीकृति दी गई है. वरीय पुलिस उपाधीक्षक यातायात अनिल कुमार को 31 मई 2026 से 1 साल के लिए संविदा पर एक्सटेंशन देने की स्वीकृति दी गई है.
पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल पटना की हड्डी रोग विभाग के अधीन स्वतंत्र रूप से स्पाइन सब स्पेशलिटी यूनिट स्थापित करने के लिए 39 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है.
बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त संशोधन नियमावली 2026 को स्वीकृति दी गई है. माननीय उच्च न्यायालय पटना के न्यायाधीश गण के उपयोग के लिए 10 नए वाहनों के क्रय की स्वीकृति दी गई है. 3 करोड़ 70 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई.








