चाईबासा- पश्चिमी सिंहभूम जिले में बुधवार को बीजेपी द्वारा बुलाए गए कोल्हान बंद का व्यापक असर देखने को मिला. सुबह से ही बीजेपी कार्यकर्ता और स्थानीय सामाजिक संगठन सड़कों पर उतरकर दुकानों और प्रतिष्ठानों को बंद कराने की अपील करते दिखे.
बंद के चलते चाईबासा शहर की अधिकतर दुकानें और बाजार बंद रहे. वहीं टाटा-रांची, किरीबुरू और दूसरे ग्रामीण इलाकों के लिए बसों का परिचालन पूरी तरह ठप रहा. जिसका असर आम लोगों की आवाजाही पर सीधे तौर पर देखा गया.
इधर, बंद समर्थकों ने चक्रधरपुर,जगन्नाथपुर, सोनुआ आदि जगहों पर सड़कों के बीचों बीच टायर जलाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया है. दुकानें भी पूरी तरह बंद रही, सड़कों पर परिचालन पूरी तरह ठप्प रहा.
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इससे पहले मंगलवार को बीजेपी नेताओं ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूर्व सांसद गीता कोड़ा और पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने चाईबासा पोस्ट ऑफिस चौक पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन कर विरोध जताया. उन्होंने राज्य सरकार पर आदिवासी युवाओं की आवाज को दबाने और पुलिसिया दमन का आरोप लगाया.
दरअसल, यह बंद सोमवार रात हुई घटना के विरोध में बुलाया गया. सोमवार को मंत्री दीपक बिरुआ के आवास का घेराव करने पहुंचे आदिवासी युवकों पर पुलिस ने देर रात लाठीचार्ज किया था, जिसके बाद भगदड़ की स्थिति मच गई थी.
इस दौरान 17 युवक लापता हो गए और चार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. इन्हीं युवकों की सकुशल बरामदगी और गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग को लेकर बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के साथ मिलकर बुधवार को बंद का आह्वान किया था.
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