रांची- झारखंड में उत्पाद सिपाही बहाली के दौड़ को लेकर बाबूलाल मरांडी ने झारखंड की सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि उत्पाद सिपाही के 573 पदों पर भर्ती होनी है. अब तक 14 अभ्यर्थी और एक पुलिस जवान की मौत हुई है. उन्होंने कहा, आंकड़ों के हिसाब से जितने पदों की भर्ती होनी है उसके ढाई प्रतिशत के करीब अभ्यर्थियों की मौत हो गई है.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य की सरकार अंतिम समय में बहाली ले रही है और युवाओं को मौत के मुंह में धकेल रही है. उत्पाद सिपाही कौन से ऐसे अपराधी के खिलाफ कार्रवाई करवाने वाले हैं जिसके लिए उन्हें एक घंटे में 10 किलोमीटर की दौड़ लगवाई जा रही है. बहाली के दौरान कुव्यवस्था बच्चों की मौत के लिए सजाई गई.
बाबूलाल ने कहा कि कि शिबू सोरेन ने कहा था कि उनके सत्ता में आने के बाद पुलिस बहाली के लिए दौड़ परीक्षा नहीं ली जाएगी. जो युवा पेड़ पर चढ़ जाएगा उसे पुलिस की नौकरी दी जाएगी. हेमंत सोरेन अपने पिता की बात को मानें और पेड़ पर चढ़ने वाले को नौकरी दें. हमारी बात को नहीं मानते हैं कम से कम पिता की बात को मान लें.
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बता दें कि राज्य में उत्पाद सिपाही की बहाली चल रही है. इस दौरान कई अभ्यर्थियों की मौत हुई है. इसे लेकर बीजेपी ने हेमंत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं.