बोकारो- मां रूपी सोरेन के निधन के बाद करीब 14 दिनों तक अपने पैतृक गांव नेमरा में रहने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंगलवार को विकास कार्यों का जायजा लेने निकले और अपने पैतृक गांव को जोड़ने वाली बरलंगा–नेमरा–कसमार सड़क का निरीक्षण किया।
सड़क निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री बाजारटांड़ चौक स्थित एक चाय-पकौड़ी की दुकान पर रुके. यहां उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ बैठकर चाय-पकौड़ी का आनंद लिया.
खास बात यह रही कि कल्पना सोरेन ने खुद चाय बनाई. मुख्यमंत्री और विधायक का यह सहज अंदाज स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया. इसके बाद मुख्यमंत्री सेवाती घाटी भी पहुंचे और वहां की स्थिति तथा विकास की संभावनाओं का जायजा लिया.
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बरलंगा से नेमरा होते हुए कसमार तक लगभग 26.5 KM लंबी सड़क का निर्माण झारखंड राज्य उच्च पथ प्राधिकरण की ओर से कराया जा रहा है.
यह सड़क रामगढ़ जिले के नेमरा और बोकारो जिले के कसमार क्षेत्र को जोड़ने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है. मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण कर इसकी स्थिति का जायजा लिया.
सड़क निर्माण पूरा होने के बाद आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होने की उम्मीद है. ग्रामीणों को बाजार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और कारोबार तक पहुंचने में सहूलियत मिल सकती है.
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नेमरा और आसपास के गांवों से कसमार, खैराचातर, पिरगुल तथा बोकारो जिले के अन्य प्रमुख क्षेत्रों तक पहुंच भी अधिक सुविधाजनक हो सकती है.








