पटना- बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) में मचा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है।
पटना स्नातक से जेडीयू के एमएलसी कैंडिडेट नीरज कुमार और मोकामा विधायक अनंत सिंह का झगड़ा जारी है। इस बीच, अनंत सिंह के करीबी छोटू सिंह ने जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
बीते जुलाई महीने में उन्हें कुशवाहा ने जेडीयू से बाहर निकाल दिया था। छोटू सिंह ने दावा किया कि अगर वह नहीं रहते तो उमेश कुशवाहा चुनाव भी नहीं जीतते। उन्होंने कहा कि वह इनका ऐसा पोल खोलेंगे कि वे कहीं के नहीं रहेंगे।
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अरविंद सिंह और छोटू सिंह ने मंगलवार को पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “उमेश कुशवाहा, नीतीश कुमार से पहले किसके दरवाजे पर सब्जी लेकर बैठते थे। यह उनसे पूछिएगा।
ये बिना कारण बताओ नोटिस के नेताओं को पार्टी से बाहर करते हैं। हम नहीं रहते तो ये चुनाव भी नहीं जीत पाते। अपने समाज के वोट लेकर इनको जिताया।”
उन्होंने जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष पर भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया। छोटू सिंह ने कहा कि अभी सरकारी वकीलों की बहाली हुई। उसमें उमेश कुशवाहा के पांच एजेंट घूम रहे हैं।
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सभी ने पैसा खाया है। ये सब बच रहे हैं क्योंकि अभी सरकार है। सरकार नहीं होती, तो ये जेल में होते। छोटू सिंह ने दावा किया कि उनके पास वीडियो भी है, अगर वो सार्वजनिक कर देंगे तो सारी पोल खुल जाएगी।
छोटू सिंह ने जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और उनके करीबियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चार-पांच लोग जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत कुमार को खत्म करना चाहते हैं।
बिहार एमएलसी चुनाव में मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह बागी रुख अपनाए हुए हैं। पटना स्नातक सीट से जेडीयू एमएलसी उम्मीदवार नीरज कुमार का वह खुलकर विरोध कर रहे हैं।
अनंत सिंह, जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह का प्रचार भी कर रहे हैं। पिछले दिनों छोटू सिंह भी अनंत के साथ अनुज सिंह के समर्थन में नजर आए थे।








