पटना- लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने IRCTC होटल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है.
आरोप तय करने के आदेश के दौरान अदालत ने लालू प्रसाद यादव की भूमिका को लेकर टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि पहली नजर में देखने पर यह संदेह पैदा होता है कि रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव ने अपने पद का दुरुपयोग किया.
अदालत ने यह भी कहा कि रेलवे अधिकारियों ने रांची और पुरी से जुड़े होटल टेंडर में लालू यादव के कहने पर कथित तौर पर हेरफेर किया. सुनवाई के दौरान लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी को मिले कथित लाभ का मुद्दा भी सामने आया.
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अदालत ने कहा कि कंपनी को जिस तरह का कथित फायदा मिला, उससे लालू यादव की भूमिका पर संदेह पैदा होता है. कोर्ट ने इस मामले को केवल राजनीतिक आरोप के तौर पर देखने से भी इनकार किया. अदालत की टिप्पणी के अनुसार लालू यादव के खिलाफ हुई जांच को राजनीतिक रूप से प्रभावित नहीं माना जा सकता.
स्पेशल जज विशाल गोगने ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, सरला गुप्ता, लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी, सुजाता होटल्स और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी.
यह मामला लालू यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान IRCTC के दो होटलों के संचालन से जुड़े टेंडर से जुड़ा है. सीबीआई का आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच रांची और पुरी स्थित IRCTC के होटलों का संचालन सुजाता होटल्स को कथित तौर पर नियमों में हेरफेर कर दिया गया.
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जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस कथित लाभ के बदले ऐसी जमीन के लेनदेन का आरोप है, जिसकी कीमत बाजार भाव से काफी कम थी और जिसका संबंध लालू परिवार से बताया गया.








