डेस्क- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीजेपीऔर पीएम मोदी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, लाल किले से झूठ नहीं बोलना चाहिए, वो झूठ बोलने का स्थान नहीं है.
कौन नहीं जानता है कि महिला विधेयक पास हो चुका है, हर व्यक्ति जानता है, हर पॉलिटिकल पार्टी जानती है. हम तो कहते हैं कि अगर आपको महिला विधेयक लागू ही करना है जो कानून बन गया है वो 2027 के चुनाव में लागू कर दो, हम लोग तैयार हैं.
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी और आजादी एक-दूसरे के विलोम हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और उसके संघी साथी स्वतंत्रता दिवस की तैयारी नहीं कर रहे थे, बल्कि विभाजन विभीषिका दिवस मना रहे थे.
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उन्होंने कहा ‘इनके लिए विभाजन ही उत्सव है. इन्होंने आजादी की लड़ाई में योगदान दिया हो या न दिया हो, लेकिन विभाजन में योगदान दिया है. बीजेपी और संघी साथियों का लक्ष्य विभाजन था. यही उनकी उपलब्धि है.’
पूर्व सीएम अखिलेश ने कहा कि विभाजन आजादी से पहले भी था और आजादी के बाद भी जारी रहा. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने कभी तिरंगे का सम्मान नहीं किया, वे आज तिरंगा लेकर घूम रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से बहुत सावधान रहने की जरूरत है.
वहीं सपा प्रमुख ने तिरंगा यात्रा को लेकर भी बीजेपी पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोगों को घर-घर तिरंगा यात्रा के बजाय मन-मन तिरंगा कार्यक्रम चलाना चाहिए.
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अखिलेश ने कहा कि तिरंगे के प्रति सम्मान दिल से होना चाहिए. अखिलेश यादव ने संविधान और लोकतंत्र को लेकर कहा कि संविधान है तो स्वतंत्रता है. अगर संविधान नहीं रहेगा तो स्वतंत्रता भी छिन जाएगी.
उन्होंने कहा कि संविधान जितना मजबूती से चलेगा, उतना ही लोकतंत्र मजबूत होगा. संविधान को ठेस पहुंचाने का मतलब लोकतंत्र को भी ठेस पहुंचाना है. सपा चीफ ने कहा, ‘हम संकल्प लेते हैं कि संविधान को मजबूत करेंगे. इसके लिए कोई भी त्याग करना पड़ेगा तो हम करने के लिए तैयार हैं.’








