आरा- भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में आरा CJM कोर्ट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एनकाउंटर में शामिल बताए जा रहे 11 लोगों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 12 अगस्त तक गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने का आदेश दिया है।
कोर्ट की कार्रवाई में तत्कालीन एसडीएम संजीत कुमार, तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा, शाहपुर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार, दरोगा अंकित आर्यन, हरिश्चंद्र कुमार, एसटीएफ जवान अक्षय कुमार, विकास कुमार समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। बताया गया है कि एसटीएफ जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। वहीं, तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार को निलंबित किया जा चुका है।
भरत तिवारी की मौत के बाद उनके परिजनों और समर्थकों ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए थे। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बीच अब कोर्ट की ओर से गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह के अनुसार, कोर्ट की ओर से पुलिस से जानकारी मांगी गई है कि मामले की जांच कब शुरू हुई, अब तक जांच में क्या-क्या कदम उठाए गए और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने क्या कार्रवाई की. मिसलेनियस रिपोर्ट के आधार पर रिपोर्ट मांगी गई है.
संजीव कुमार ने बताया कि अदालत के सामने इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस, मोबाइल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और जांच के दौरान दर्ज किए गए गवाहों के बयान से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने की मांग भी की गई.
भरत तिवारी के मोबाइल फोन को जांच के लिए पुलिस द्वारा जब्त किए जाने का भी जिक्र किया गया. परिवार और अधिवक्ता की ओर से दावा किया गया है कि मोबाइल एवं अन्य डिजिटल माध्यमों में मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं.
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)








