डेस्क- असम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चुनावी सभा की अनुमति नहीं मिली. पीएम के कार्यक्रम का हवाला देकर हेलीकॉप्टर उड़ान रोकी गई. इससे पहले कल्पना सोरेन को भी रोका गया था. सीएम ने मोबाइल से संबोधन कर लोकतंत्र दबाने का आरोप लगाया और आदिवासी समाज से एकजुट होकर जवाब देने की अपील की.
सीएम सोरेन को असम के रोंगोनदी और चाबुआ विधानसभा में सभा करना था. पीएम के कार्यक्रम की वजह से उनके हैलीकॉप्टर को उड़ने की इजाजत नहीं दी गयी. इसके ठीक एक दिन पहले कल्पना सोरेन को तीन जगहों पर सभा करने की अनुमति नहीं दी गयी.
असम में जब सभा करने नहीं दिया गया तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मोबाइल फोन से ही जनता को संबोधित किया. सीएम ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि असम की क्रांतिकारी धरती ने कभी झुकना नहीं सीखा है.
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प्रधानमंत्री जी का कार्यक्रम बताकर आज मुझे प्रचार के लिए जाने नहीं दिया गया. हमलोगों को जहां है वहीं पर रहने का आदेश दिया गया. पीएम अपने कुर्सी व राजनीतिक ताकत के बदौलत चुनाव के अंतिम चरण में विरोधियों को प्रचार-प्रसार करने से इसी तरह रोकते हैं.
ये लोग ऐन-केन प्रकारेण चुनाव जीतने का प्रयास करते हैं. कभी वोट चोरी कर जीतते हैं. झामुमो पहली बार यहां चुनाव लड़ रहा है. जय भारत पार्टी के साथ हैं. सीएम ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि असम की वीर और क्रांतिकारी धरती पर लोकतंत्र की आवाज को दबाने की फिर कोशिशें की गयी.
कल कल्पना जी को सभा करने से रोका गया, आज मुझे असम के रोंगोनदी और चाबुआ विधानसभा के अपने भाई-बहनों से मिलने नहीं दिया गया.क्या सच में विरोधियों को लगता है कि संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर ऐसे षड्यंत्र से वे तीर-धनुष की ताकत को रोक पाएंगे?
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सीएम ने कहा कि इतने वर्षों तक तो चाय बागान के मेरे लाखों शोषित, वंचित आदिवासी समाज के भाइयों बहनों को रोकने की नाकाम कोशिश की है, और कितना रोक पाओगे?
इतिहास गवाह है, जब-जब आवाज दबाई गई है, वह और बुलंद होकर उभरी है. आगामी नौ अप्रैल के दिन मेरे ये लाखों भाई-बहन अपने संघर्ष का हिसाब लेकर रहेंगे.








