यूपी- उत्तर प्रदेश के बहराइच में प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य पुंडरीक गोस्वामी को पुलिस लाइन्स में गार्ड ऑफ ऑनर और परेड सलामी देने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
इस घटना ने राजनीतिक हलचल मचा दी है, जबकि यूपी पुलिस के डीजीपी ने पुलिस परेड ग्राउंड के अनधिकृत इस्तेमाल पर संज्ञान लेते हुए जिले के पुलिस अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा है।
वीडियो में दिख रहा है कि कथावाचक एक सफेद सरकारी गाड़ी से उतरते हैं। लाल कालीन बिछाकर स्वागत होता है, पुलिस अधिकारी सैल्यूट करते हैं और फिर पुलिस ट्रेनीज की परेड आयोजित की जाती है। गोस्वामी मंच पर बैठकर सलामी का निरीक्षण करते नजर आते हैं। यह कार्यक्रम पुलिस लाइन्स के परेड ग्राउंड पर हुआ था।
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बहराइच पुलिस का दावा है कि कई ट्रेनीज ने ट्रेनिंग के दौरान तनाव और डिप्रेशन की वजह से इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में गोस्वामी को मोटिवेशनल स्पीच, योग और ध्यान सेशन के लिए बुलाया गया था, जिससे ट्रेनीज का मनोबल बढ़ा।
बहराइच पुलिस के अनुसार, कठिन प्रशिक्षण और मानसिक परिश्रम के कारण जिले में 28 पुलिसकर्मी अब तक त्यागपत्र दे चुके हैं. इसी अवसाद को दूर करने और प्रशिक्षुओं का मनोबल बढ़ाने के लिए आचार्य पुंडरीक गोस्वामी को योग, ध्यान और चरित्र निर्माण पर उद्बोधन हेतु बुलाया गया था. लेकिन परेड और सलामी की यह व्यवस्था प्रोटोकॉल के खिलाफ मानी जा रही है।
हालांकि, अब इस पूरे प्रकरण पर पुलिस प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है. कथावाचक को मिली सलामी के वायरल वीडियो पर भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने इसे संविधान पर हमला बताया.
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उन्होंने कहा कि बीजेपी राज में धर्म को कानून से ऊपर रखा जा रहा है. वहीं, सपा मुखिया अखिलेश यादव ने चुटकी लेते हुए कहा कि जब पुलिस सलामी में व्यस्त रहेगी, तो अपराधी मस्त रहेंगे.
उनके अनुसार, भाजपा राज में अपराध पर अंकुश लगाने के बजाय ‘सलाम-सलाम’ का खेल चल रहा है. प्रोटोकॉल उल्लंघन की जांच से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। देखना यह है कि SP का जवाब क्या आता है और आगे क्या एक्शन होता है!








