रांची- राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स यानी राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस की जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ चल रहा अभियान जारी रहेगा.
चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने गुरुवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान रोकने से जुड़ी सभी याचिकाएं खारिज कर दी. कोर्ट ने अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी रखने का आदेश दिया है.
दौरान रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री, सिटी एसपी और बड़गांई के सीओ भी मौजूद थे. दलील सुनने के बाद खंडपीठ ने अतिक्रमण अभियान रोकने से जुड़ी याचिकाओं को खारिज कर दिया.
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इस दौरान खंडपीठ ने कैलाश कोठी को तोड़े जाने पर फिलहाल स्टे लगा दिया है. इस मामले पर सोमवार को सुनवाई होगी. कोर्ट को बताया गया कि रिम्स की ओर से पहले ही सभी को मुआवजा दिया जा चुका है.
गौरतलब है कि झारखंड हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान रिम्स परिसर से अतिक्रमण हटाने को लेकर 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया था. साथ ही रिम्स व्यवस्था की मॉनिटरिंग के लिए बनी कमेटी को रिपोर्ट सौंपने को कहा था. इस आधार पर अल्टीमेटम अवधि पूरी होते ही प्रशासन ने अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया.
अभी तक दर्जनों कच्चे मकान तोड़ा जा चुके हैं. साथ ही रिम्स के खाली पड़े भवनों को कब्जा मुक्त किया गया है. दरअसल, रिम्स की बदहाल स्थिति को देखते हुए हाईकोर्ट ने मामले को जनहित याचिका में तब्दील कर दिया था.
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बता दें कि झालसा यानी झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया था कि रिम्स गेट से लेकर ट्रामा सेंटर तक अवैध अतिक्रमण है. इसकी वजह से मरीजों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ता है. इसको कोर्ट ने गंभीर मामला बताते हुए अभियान चलाने का निर्देश दिया था.








