सहरसा- बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को 34 साल पुराने मामले में सहरसा व्यवहार न्यायालय से राहत मिली है. मंगलवार को सुनवाई के बाद कोर्ट ने उनको दोषमुक्त कर दिया.
वहीं बरी होने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद ने कई मुद्दों पर बात की. बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम को लेकर गड़बड़ी का आशंका जताते हुए दावा किया कि महागठबंधन हारा नहीं है, बल्कि चुनाव आयोग की मदद सें बीजेपी ने वोट की चोरी की है.
पप्पू यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने एक तीर से दो शिकार किया है. एक तरफ जहां महागठबंधन को साजिशन हराया गया है, वहीं दूसरी तरफ नीतीश कुमार को भी किनारे करने की कोशिश की है. उन्होंने एसआईआर का जिक्र करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में बहस के बाद भी एसआईआर कराया गया, जोकि उचित नहीं है.
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सांसद ने कहा कि 127 सीटों पर जहां हम हारे, वहां 22 वोट से लेकर 11000 वोट से नतीजे तय हुए. उन्होंने कहा कि 2020 चुनाव में जिस सीट पर हमें 65 हजार वोट आया था, इस बार 95000 वोट प्राप्त हुआ. इसके बावजूद हमें शिकस्त मिली है. पप्पू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पोस्टल बैलेट में भी महागठबंधन से पीछे रही है.
पप्पू यादव ने एनडीए को युवा पीढ़ी को आगे करने की नसीहत दी है. उन्होंने कहा कि चिराग पासवान और नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के हाथ में कमान दे देना चाहिए.
वहीं मुख्यमंत्री को अब प्रधानमंत्री पद के लिए केंद्र की राजनीति मुखर होकर करनी चाहिए. उन्होंने बिहार की जनता से अपील करते हुए कहा कि देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए सबको मिलकर आगे आना चाहिए.
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