पटना- बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी की हुई करारी हार के बाद परिवार में भी फुट नजर आ रहा है. लालू की बेटी रोहिणी आचार्य के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया जिसे खुद रोहिणी ने ही बताया. उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया था और मीडिया में बयान भी दिया था कि उनके साथ क्या कुछ हुआ है. रोहिणी आचार्य अब राबड़ी आवास में नहीं हैं.
मंगलवार को उनका गुस्सा बिहार के एक वरिष्ठ पत्रकार पर फूट पड़ा. पत्रकार का नाम है पत्रकार कन्हैया भेलारी। रोहिणी ने बातचीत में पत्रकार से सवाल किया, “आप यह बताएं कि बेटियों को कितना घंटा और कितने दिन मायके में रहना चाहिए इसका हिसाब बताइए”. बातचीत में रोहिणी ने पत्रकार से कहा कि वे अपने भाई तेजस्वी यादव के बुलाने पर आई थीं.
बातचीत का वीडियो शेयर करते हुए रोहिणी ने अपने पोस्ट में लिखा है, “जो लोग लालू जी के नाम कुछ करना चाहते हैं, तो वे झूठी हमदर्दी जताना छोड़ कर हॉस्पिटल्स में वैसे लोगों की मदद करें जो अपनी अंतिम सांसें गिन रहे हैं.
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उन लाखों-करोड़ों गरीब लोग जिन्हें किडनी की जरूरत है, उनको अपनी किडनी देने के लिए आगे आना चाहिए. लालू जी के नाम पर अपनी किडनी दान करनी चाहिए. पिता को किडनी देने वाली शादीशुदा बेटी को गलत बताने वाले हिम्मत जुटाकर उस बेटी से खुले मंच पर खुली बहस करें.”
वे आगे लिखती हैं, “जरूरतमंदों को किडनी देने के महादान की शुरुआत पहले वो करें जो बेटी की किडनी को गंदा बताते हैं, फिर हरियाणवी महापुरुष करे, चाटुकार पत्रकार करें और हरियाणवी के भक्त ट्रोलर्स करें जो मुझे गाली देते नहीं थकते. एक बोतल खून देने के नाम पर जिनका खून सूख जाता है, वो किडनी देने पर उपदेश देते हैं?”
बता दें कि एक डिबेट के दौरान पत्रकार कन्हैया भेलारी ने रोहिणी आचार्य के मायके में रहने पर सवाल उठाया था. उन्होंने कहा था कि बेटी को ससुराल में ही रहना चाहिए और बिना बुलाये मायके नहीं आना चाहिए.
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