पूर्णिया- बिहार के पूर्णिया के मेडिकल कॉलेज में उस समय अफरा तफरी का माहौल देखने को मिला जब एक ही स्कूल के लगभग दो दर्जन छात्राएं फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गईं. सभी की उम्र 12 से 14 साल के बीच है. छात्राओं ने स्कूल में लिट्टी चोखा खाया था.
लिट्टी चोखा खाने के कुछ ही देर बाद अचानक सबकी तबीयत बिगड़ने लगी. लिट्टी चोखा खाने के बाद छात्राओं को उल्टी की शिकायत हुई और ठंड लगने लगी.
सभी की हालत को देखकर स्कूल प्रशासन तुरंत छात्राओं को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचा. मामला शहर के फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी स्थित गवर्नमेंट ओबीसी गर्ल्स हाई स्कूल से जुड़ा है.
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इस बात की जानकारी बच्चों के परिजन को भी मिली. सभी लोग अपने बच्चों को देखने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे. बताया जा रहा है कि लिट्टी में काफी तेल की मात्रा थी.
वहीं कुछ लोग का कहना है कि बासी खाने से इस तरह का मामला सामने आया है. अब जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी कि आखिर घटना के पीछे का कारण क्या है. फिलहाल सभी का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है और सभी खतरे से बाहर हैं.
परिजनों का आरोप है कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद समय पर उनलोगों को सूचना नहीं दी गई. जब परेशान माता-पिता और परिजन स्कूल पहुंचे, तो स्कूल प्रबंधन ने उन्हें मेन गेट पर ही रोक दिया.
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साथ ही परिजनों को अंदर जाने से साफ रोक दिया गया था. परिजनों ने स्कूल गेट पर जमकर हंगामा और विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद उन्हें सीधे अस्पताल जाने के लिए स्कूल प्रबंधन की ओर से कहा गया है.








