सुपौल- बिहार के सुपौल में नवरात्रि की कठिन साधना के बाद एक महिला की मौत हो गई है. 9 दिनों तक छाती पर कलश रखकर माता की आराधना करने वाली 35 वर्षीय महिला को मंगलवार रात सीने में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद अगले सुबह उसे अस्पताल लाया गया. जहां उसकी मौत हो गई.
मृतका की पहचान नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड 4 निवासी वीरेंद्र यादव की 35 वर्षीय पत्नी सचिता देवी के रूप में हुई है. सचिता ने त्रिवेणीगंज बाजार स्थित बड़ी दुर्गा मंदिर परिसर में नवरात्र के दौरान नौ दिनों तक छाती पर कलश रखकर माता की आराधना की थी.
मंगलवार को नवरात्र संपन्न होने के बाद वह मंदिर परिसर से अपने घर लौट गई थी. रात में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई. बुधवार सुबह सीने में दर्द की शिकायत के बाद परिजन उसे अनुमंडलीय अस्पताल त्रिवेणीगंज लेकर पहुंचे, जहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. उमेश कुमार मंडल ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.
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परिजनों ने बताया कि जब सचिता देवी ने अनुष्ठान रखा था. उसके दो दिन बाद ही उसका हार्ट रेट और पल्स रेट में गिरावट आई थी. जहां चिकित्सक ने उसे व्रत तोड़ने की अपील की थी लेकिन महिला ने व्रत जारी रखा था.
मौत के संभावित कारणों को लेकर ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. उमेश कुमार मंडल ने बताया कि बुधवार की सुबह महिला को अस्पताल लाया गया था.
परिजनों ने सीने में दर्द होने की बात बताई थी. उन्होंने कहा कि डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) और हृदय संबंधी बीमारी भी मौत की संभावित वजह हो सकती है. हालांकि, वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम होने के बाद ही चल पाएगी.
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