डेस्क- दिल्ली के कनॉट प्लेस में प्रदर्शन को लेकर पुलिस की कार्रवाई जारी है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अब तक 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है. SFI, DYFI, AISF और AIYF के कार्यकर्ताओं ने तिरंगा मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया.
इस दौरान CPI सांसद पी. संतोष कुमार ने कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होगा. उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि पुलिस की कार्रवाई से आंदोलन नहीं रुकेगा.
तिरंगा मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके को हिरासत में ले लिया था. वहीं, मंडी हाउस से नेहा बोरा को भी हिरासत में लिया गया. इससे पहले पुलिस ने दिपके को दो नोटिस जारी किए थे. इनमें उन्हें कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में नहीं आने और एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त का जिक्र था.
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बता दें, CJP तिरंगा लहराकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जताना चाहती है. यह विरोध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर है.
दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस और आसपास लागू निषेधाज्ञा का हवाला देकर लोगों से मार्च से दूर रहने को कहा है. पुलिस के मुताबिक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत पाबंदियां लागू हैं. NDMC ने भी प्रशासनिक कारणों से 16 और 17 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क बंद रखने की जानकारी दी है.
AISA का दावा है कि नेहा बोरा को मंगोलपुरी स्थित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स में अकेले हिरासत में रखा गया है. संगठन के मुताबिक, रात 8 बजे तक नेहा से कोई संपर्क नहीं हो पाया था. AISA का आरोप है कि पुलिस वकीलों को भी नेहा से मिलने नहीं दे रही है. संगठन ने नेहा को तुरंत रिहा करने की मांग की है.
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