यूपी- वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ घाटों से लेकर गलियों और विश्वविद्यालय परिसर तक पानी का असर दिखाई दे रहा है. मणिकर्णिका घाट पूरी तरह जलमग्न होने के बाद अंतिम संस्कार के लिए ऊंची छतों और संकरी गलियों का सहारा लेना पड़ रहा है.
दशाश्वमेध घाट की जल पुलिस चौकी पानी में डूब गई है. अस्सी घाट पर नावों का संचालन बंद है. वहीं, BHU परिसर में घुटनों तक पानी भरने से कक्षाओं और आवाजाही पर असर पड़ा है. गंगा का बढ़ता पानी अब काशी की रोजमर्रा की रफ्तार को भी अपनी चपेट में ले रहा है.
गंगा का जलस्तर बढ़ने का सबसे गंभीर असर मणिकर्णिका घाट पर दिखाई दे रहा है. घाट पूरी तरह पानी में डूब गया है. ऐसे में अंतिम संस्कार के लिए ऊंची जगहों और आसपास की संकरी गलियों का सहारा लिया जा रहा है.
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घाट पर बढ़ते पानी के कारण सुरक्षा व्यवस्था और आवाजाही को लेकर भी सतर्कता बढ़ गई है. प्रशासन की ओर से घाटों पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
गंगा का जलस्तर बढ़ने का असर नाव संचालन पर भी पड़ा है. अस्सी घाट पर नावों का संचालन बंद कर दिया गया है. इससे घाट की सामान्य गतिविधियां और नाव से होने वाली आवाजाही प्रभावित हुई है.
गंगा का बढ़ता पानी अब BHU परिसर तक पहुंच गया है. परिसर में कई जगहों पर घुटनों तक पानी भर गया है. इससे छात्रों और कर्मचारियों की आवाजाही प्रभावित हुई है. पानी भरने से कक्षाओं पर भी असर पड़ा है.
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पानी बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ रही है. मौसम में लगातार बदलाव और बारिश के बीच गंगा का बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती बना हुआ है.








