पटना- पटना में आज छात्रों-युवाओं के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान भी शामिल हुए. सभी किसान पुनपुन और बिहटा के इलाकों से आए थे. दरअसल, इनके इलाके की जमीन लेकर वहां पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप बनाने का सरकार ने ऐलान किया है. इलाके के किसानों का कहना है कि वो अपनी जमीनें नहीं देंगे.
छात्रों के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बुजुर्ग किसान और महिलाएं भी शामिल थीं. इसी बीच छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज, वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. आखिरकार शाम में डाकबंगला के पास पहुंचे प्रदर्शनकारी किसानों को भी पुलिस ने डिटेन कर बस के द्वारा भेज दिया.
डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने स्पष्ट कहा कि वो भले जेल चले जाएंगे, जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे. सरकार किसानों की जमीन हड़प रही है. उन्हें भूखे मारना चाहती है.
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बता दें कि इससे पहले 22 अगस्त को भी पुनपुन और नौबतपुर इलाके में प्रस्तावित पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को लेकर जमीन मालिकों के साथ बैठक बुलाई गई थी. इसमें बड़ी संख्या में किसान पहुंचे. जैसे ही लैंड पूलिंग के जरिए जमीन लेने की बात सामने आई, किसानों ने इसका विरोध शुरू कर दिया.
बैठक में नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा, विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, पटना डीएम कुंदन कुमार और नगर आयुक्त यशपाल मीणा समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद थे.
किसानों ने अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की और सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे. मामला इतना बढ़ गया कि किसानों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस होने लगी. समझाने की कोशिश के बावजूद किसान नहीं माने और नारेबाजी करते हुए बैठक से बाहर निकल गए.
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बता दें पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप पटना के पुनपुन और नौबतपुर प्रखंड क्षेत्र में प्रस्तावित है. इसे डेवलपमेंट प्लान 2047 के तहत विकसित करने की योजना है.
फिलहाल परियोजना के लिए जमीन जुटाने का मुद्दा सबसे बड़ी चुनौती बन गया है. सरकार और किसानों के बीच बातचीत से रास्ता निकलता है या जमीन को लेकर विरोध आगे भी जारी रहता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा.








