रांची- JPSC-JSSC न्याय मंच की ओर से शुक्रवार को रांची प्रेस क्लब में संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया. प्रेस वार्ता को छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने संबोधित किया.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है, लेकिन इसकी अधिसूचना जारी होने के दो दिन बाद ही आंदोलन समाप्त कराने की कोशिश की गई.
उन्होंने कहा कि छात्रों ने अपने अधिकार और भविष्य के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया है और अब आंदोलन को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा.
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देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि 11वीं से 13वीं JPSC, SO, CDPO, JSSC CGL और अन्य मामलों में न्यायालय की शरण लेने के बाद स्टे मिला है. उनका आरोप है कि राज्य सरकार जांच में कई गड़बड़ियां सामने आने का दावा कर रही है और मंत्रियों के स्तर से भी इसके बयान दिए गए हैं, लेकिन हाईकोर्ट में सरकार ने CID की जांच रिपोर्ट तक प्रस्तुत नहीं की.
उन्होंने कहा कि इससे न्याय मंच में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ी है. उन्होंने आरोप लगाया कि हाई कोर्ट में सरकार ने छात्रों का पक्ष मजबूती से नहीं रखा.
मंच ने आंदोलन के अगले चरण की भी घोषणा की. 24 अगस्त से राज्य के सभी 24 जिला मुख्यालयों में भर्ती सुधार यात्रा शुरू की जाएगी. इसके जरिए छात्रों और आम लोगों को भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों और मंच की मांगों की जानकारी दी जाएगी.
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न्याय मंच ने चेतावनी दी कि 15 सितंबर के बाद मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा. इसके साथ ही झारखंड में चक्का जाम और आर्थिक नाकाबंदी जैसे आंदोलनात्मक कार्यक्रम भी चलाने की घोषणा की गई. मंच ने कहा कि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और व्यापक किया जाएगा.
देवेंद्रनाथ ने कहा कि छात्रों का संघर्ष अब केवल परीक्षा और नियुक्ति का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और जवाबदेही की लड़ाई बन चुका है. न्याय मंच ने सरकार से न्यायालय में मजबूत पक्ष रखने, जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने और निर्दोष अभ्यर्थियों के हित में स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की.








