गया- गया में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को थाने पर लाने और फिर छोड़ देने के मामले में मगध आईजी विकास वैभव ने बड़ी कार्रवाई की है. मगध आईजी ने इस गंभीर मामले की जांच के बाद थानाध्यक्ष, प्रभारी थानाध्यक्ष और दारोगा को सस्पेंड कर दिया है. सभी को लाइन क्लोज किया गया है.
इस संबंध में मगध आईजी के हवाले से बताया गया है कि बीते 10 अगस्त को एक महिला द्वारा आवेदन समर्पित किया गया था, जिसमें बताया गया था, कि उसकी नाबालिग पुत्री 6 अगस्त को करीब घर से बाजार के लिए निकली थी. लेकिन देर शाम तक वह नहीं लौटी. परिजनों को द्वारा काफी खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल रहा था.
7 अगस्त को पंचानपुर थाना में इस संबंध में लिखित आवेदन दिया गया. इस बीच आवेदिका की पुत्री अचानक रोते हुए घर आई. वह काफी डरी -सहमी हुई थी. पूछताछ के बाद नाबालिग लड़की ने बताया कि उसके साथ दुष्कर्म की घटना की गई है. दुष्कर्म की घटना के आरोपित का नाम नीरज कुमार बताया.
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
इस मामले को लेकर आवेदिका ने आईजी कार्यालय में गुहार लगाई थी. उपलब्ध जांच प्रतिवेदन एवं अभिलेखों में प्रथम दृष्टतया यह सामने आया कि इतने गंभीर आरोपों से संबंधित सूचना प्राप्त होने के बावजूद न तो प्राथमिकी दर्ज की गई और न ही किसी प्रकार की विधिसम्मत कार्रवाई की गई.
वरीय अधिकारी को भी इसकी जानकारी नहीं दी गई. यह भी सामने आया कि आरोपित को थाने पर लाने की बात की प्रविष्टि भी नहीं की गई. थाने पर लाकर उसे छोड़ने की बात का भी थाने के दैनिक प्रविष्टी में जिक्र नहीं किया गया.
उपलब्ध तथ्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रथम दृष्टतया गंभीर मामला पाए जाने के बाद पंचानपुर थानाध्यक्ष पद्माकर उपाध्याय, प्रभारी थाना अध्यक्ष नगीना उरांव और सहायक एवं निरीक्षक संतोष कुमार तीनों पंचानपुर थाना पदस्थापित को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. उनके विरुद्ध विभागीय के कार्रवाई प्रारंभ करने का आदेश दिया गया है. निलंबित अवधि में तीनों को गया पुलिस लाइन क्लोज किया गया है.
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)








