पटना- पीएमसीएच के इमरजेंसी विभाग में समय पर इलाज नहीं मिलने से 16 वर्षीय अमन कुमार गुप्ता की मौत के मामले में जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने 7 डॉक्टरों और 2 स्वास्थ्य प्रबंधकों को प्रथमदृष्टया दोषी पाया है।
सभी दोषियों से 24 घंटे के भीतर कारण बताओ नोटिस का जवाब मांगा है। साथ ही अस्पताल अधीक्षक को इनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा भी की गई है। सभी आरोपियों को 17 जून तक अपना स्पष्टीकरण देना होगा।
आनंदपुरी निवासी अमन 5 जून को जेपी गंगा पथ पर सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया था। उसका बायां पैर कई जगहों से टूट गया था। सिर और नाक पर भी गंभीर चोटें आई थीं। डायल-112 की टीम उसे तत्काल पीएमसीएच इमरजेंसी लेकर पहुंची।
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आरोपों के अनुसार, अस्पताल पहुंचने के बाद भी अमन को तत्काल इलाज नहीं मिला। उसे काफी देर तक ट्रॉली और एंबुलेंस में ही रखा गया। परिजनों के आने की प्रतीक्षा की जाती रही, जबकि वह दर्द से तड़प रहा था। अत्यधिक रक्तस्राव और देर से इलाज के कारण उसकी मौत हो गई।
इनसे मांगा स्पष्टीकरण
डॉ. पंकज मिश्रा, सह-प्राध्यापक, सर्जरी विभाग
डॉ. गौरव झा, सीनियर रेजिडेंट, सर्जरी विभाग
डॉ. गौरव कुमार, न्यूरो सर्जरी विभाग
डॉ. सौरभ कुमार, आर्थोपेडिक विभाग
डॉ. हरेंद्र कुमार, सर्जरी विभाग
डॉ. अमन कुमार, सीनियर रेजिडेंट
डॉ. रंजीत कुमार सिंह, एमएसओ (ट्रायज)
संजय कुमार मांझी, स्वास्थ्य प्रबंधक
पुनीता जायसवाल, स्वास्थ्य प्रबंधक
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