रांची- होटवार जेल में महिला कैदी के कथित यौन शोषण मामले ने तूल पकड़ लिया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम मंगलवार को जेल पहुंची और पूरे प्रकरण की जांच की. प्रारंभिक जांच में आरोपों के प्रथम दृष्टया सही होने के संकेत मिले हैं.
JHALSA की सचिव कुमारी रंजना आस्थाना ने न्यूज एजेंसी को बताया कि JHALSA के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति एस एन प्रसाद के निर्देश पर रांची जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की चार सदस्यीय टीम ने बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार का दौरा किया.
टीम का नेतृत्व DLSA सचिव राकेश रौशन ने किया. उन्होंने बताया कि टीम ने पीड़िता, आरोपित अधिकारियों और अन्य कैदियों से पूछताछ की है. हालांकि अंतिम टिप्पणी जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही की जाएगी. रिपोर्ट JHALSA के कार्यकारी अध्यक्ष को सौंपी जाएगी.
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इधर, रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने सोमवार को मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी. यह समिति एडीएम लॉ एंड ऑर्डर की अगुवाई में जांच कर रही है, जिसमें जिला समाज कल्याण पदाधिकारी और एक महिला चिकित्सक को भी शामिल किया गया है. प्रशासन ने जल्द रिपोर्ट सौंपने की बात कही है.
वहीं, भाजपा ने मामले को लेकर राज्य सरकार और जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार के अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर पर पहले भी गंभीर आरोप लग चुके हैं. उन्होंने दावा किया कि देवघर और हजारीबाग में पदस्थापना के दौरान भी उन पर अनियमितताओं और शोषण के आरोप लगे थे.
भाजपा ने यह भी सवाल उठाया कि यदि महिला कैदी के साथ यौन शोषण नहीं हुआ, तो 17 मई को उसका प्रेग्नेंसी टेस्ट क्यों कराया गया. पार्टी ने आरोप लगाया कि मामले को दबाने के लिए कथित रूप से गर्भपात भी कराया गया.
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इसके साथ ही भाजपा ने जेल आईजी सुदर्शन मंडल पर भी साक्ष्य मिटाने और मामले को दबाने का आरोप लगाया है. भाजपा ने जेल अधीक्षक और जेल आईजी दोनों को तत्काल निलंबित करने की मांग की है ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके.
मामले को लेकर झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है.








