रांची- झारखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पतरातू डैम में अब बोटिंग को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. बिना शपथ पत्र के अब किसी भी नाव को संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी. यह फैसला हाल ही में मध्य प्रदेश के नर्मदा नदी पर बरगा डैम पर हुए क्रूज हादसे के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
रामगढ़ के अनुमंडल पदाधिकारी अनुराग तिवारी ने पतरातू लेक रिसॉर्ट में नाव संचालकों और संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में बोटिंग व्यवस्था, सुरक्षा संसाधनों और संचालन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई. अधिकारियों ने साफ कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी.
प्रशासन ने सभी नाव संचालकों और समितियों को निर्देश दिया है कि वे एक शपथ पत्र जमा करें. इस शपथ पत्र में यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई जाएगी.
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नाव की क्षमता से अधिक सवारी नहीं ली जाएगी. प्रशिक्षित नाविक ही नाव चलाएंगे और आपातकालीन व्यवस्था हर समय मौजूद रहेगी. जब तक यह शपथ पत्र जमा नहीं किया जाता, तब तक बोटिंग गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगा दी गई है.
बैठक के बाद अंचलाधिकारी मनोज कुमार चौरसिया ने विभिन्न घाटों का निरीक्षण किया. उन्होंने पारंपरिक नावों और स्पीड बोट की तकनीकी स्थिति, सुरक्षा उपकरणों और संचालन व्यवस्था की जांच की.
कई जगहों पर खामियां पाई गईं, जिन पर तुरंत सुधार के निर्देश दिए गए. अधिकारियों ने कहा कि सभी नावों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही संचालित किया जाएगा.
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प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में नियमित जांच अभियान चलाया जाएगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस रद्द करना और जुर्माना लगाना शामिल है. इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पर्यटकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो.








