धनबाद- डुमरी विधायक जयराम महतो ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और उपलब्धि हासिल की है. बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (BBMKU) से PhD पूरी करने के बाद उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि मिली.
इस खास मौके पर उनकी मां भी मौजूद रहीं. PhD की उपाधि मिलने के साथ जयराम महतो के शैक्षणिक सफर में एक नया अध्याय जुड़ गया है. BBMKU की आधिकारिक वेबसाइट पर विश्वविद्यालय के PhD कार्यक्रम से संबंधित नियम और दस्तावेज उपलब्ध हैं.
डॉक्टर की उपाधि मिलने के बाद मीडिया से बातचीत में जयराम महतो ने अपने बचपन के संघर्ष को याद किया. उन्होंने बताया कि पिता को बचपन में ही खो दिया था और बेहद कठिन परिस्थितियों में नाना-नानी और परिवार के दूसरे सदस्यों ने उनका पालन-पोषण किया.
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परिवार के लोग उन्हें अक्सर ‘टूअर गीदर’ कहकर संबोधित करते थे और समझाते थे कि ऐसा काम करना जिससे परिवार का नाम खराब न हो. यही शब्द उनकी संघर्ष की कहानी का अहम हिस्सा बनकर सामने आए.
जयराम महतो ने बताया कि उनके नाना खुद ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं थे. वे सरकारी नौकरी करते थे और अक्सर अपनी अधूरी पढ़ाई का उदाहरण देते थे.
उनका कहना था कि अगर उन्होंने पढ़ाई जारी रखी होती और सिर्फ अपना नाम लिखना ही नहीं, बल्कि अच्छी तरह पढ़ाई की होती, तो शायद उनकी नौकरी और बेहतर होती.
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उन्होंने बताया आगे चलकर अलग-अलग शिक्षण संस्थानों से पढ़ता गया. संघर्ष के बीच पढ़ाई पूरी की, सरकारी नौकरी का सपना देखा, सेना और नौसेना की भर्ती में भी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली. इसके बाद उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का फैसला किया.
प्रोफेसरों की सलाह पर पीएचडी प्रवेश परीक्षा दी और पहली कोशिश में ही सफल रहे. आज उसी संघर्ष का परिणाम है कि जयराम महतो के नाम के आगे ‘डॉक्टर’ की उपाधि जुड़ गई है. परिवार की ओर से जयराम महतो की इस उपलब्धि को गर्व का क्षण बताया गया.








