रांची- जातीय जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी (OBC) के लिए अलग कॉलम नहीं होने के विरोध में राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के बैनर तले आज रांची के परमवीर अल्बर्ट एक्का चौक पर राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा की झारखंड इकाई ने प्रदर्शन किया और जनगणना अधिसूचना की प्रतीकात्मक कॉपी का पुतला जलाकर विरोध जताया.
इस दौरान राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के कार्यकर्ता जातीय जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम की मांग के समर्थन में और केंद्र सरकार के विरोध में नारेबाजी भी करते रहे. इस दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने संबंधित अधिसूचना की प्रति का पुतला दहन कर अपनी नाराजगी जताई.
प्रदर्शन के दौरान OBC के लिए अलग कॉलम उपलब्ध कराने और जातियों की स्पष्ट गणना सुनिश्चित करने की मांग की गई. आज के प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय OBC मोर्चा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि संगठन पिछले कई वर्षों से जातीय जनगणना की मांग करता रहा है.
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उनके जैसे संगठनों की मांग के दबाव में केंद्र की सरकार ने जातीय जनगणना कराने की घोषणा की, लेकिन अब जब देश में जनगणना का कार्य जारी है तो एससी-एसटी की तरह OBC के लिए अलग कॉलम नहीं रखा गया है.
उन्होंने कहा कि ओपन इंडिकेटर कॉलम में जाति दर्ज करने की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है. ऐसे में जातीय जनगणना के बावजूद इसका कोई लाभ ओबीसी समाज को नहीं मिलेगा.
राजेश कुमार गुप्ता ने मांग की कि जातीय जनगणना में OBC के लिए SC-ST की तरह स्पष्ट अलग कॉलम बनाया जाए और ड्रॉपडाउन सिस्टम के माध्यम से जाति, उपजाति समेत संबंधित जानकारी दर्ज की जाए.
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उन्होंने कहा कि OBC की सही संख्या सामने आने से आरक्षण और विकास में भागीदारी से जुड़े अधिकारों के आकलन में मदद मिलेगी. राजेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि केंद्र की ओबीसी विरोधी सरकार जानबूझकर इस तरह से जनगणना करा रही है कि इसके आधार पर OBC को कोई लाभ न मिले.
उन्होंने कहा कि यह कार्य सिर्फ ओबीसी विरोधी नहीं है, बल्कि यह देश के विकास विरोधी कार्य है. जिसका राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा देशभर में विरोध कर रहा है.
ओबीसी का अलग कॉलम नहीं होने से समाज के अधिकार प्रभावित होंगे. उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से जातीय जनगणना की प्रक्रिया में आवश्यक बदलाव करते हुए OBC के लिए स्पष्ट व्यवस्था करने की मांग की.








