पटना- राजधानी पटना में गंगा का जलस्तर अब तक के सबसे ऊंचे स्तर यानी HFL के बिल्कुल करीब पहुंच गया है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. गंगा के बढ़ते जलस्तर से सकते में आये जल संसाधन विभाग ने सारे जिलों को त्राहिमाम संदेश भेज दिया है।
जल संसाधन विभाग के मुख्यालय की ओर से जारी ताजा चेतावनी संदेश ने चिंता बढ़ा दी है। विभाग ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को तत्काल आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
जल संसाधन विभाग की ओर से 5 सितंबर 2026 को जारी पत्र के मुताबिक, सुबह 9 बजे गांधी घाट गेज स्थल पर गंगा का जलस्तर 50.51 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से 1.91 मीटर ऊपर है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि इस समय जलस्तर लगातार बढ़ने की प्रवृत्ति में है।
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जल संसाधन विभाग ने साफ तौर पर चेताया है कि गंगा का जलस्तर बढ़ने से प्रवाह क्षेत्र, खासकर दियारा इलाकों के साथ साथ पटना शहर के निचले इलाकों में दबाव बढ़ सकता है।
ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा बेहद गंभीर होने की आशंका है। पटना और आसपास के दियारा इलाकों में आने वाले घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। प्रशासन को किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच पटना में प्रशासन ने भी सुरक्षा इंतजाम कड़े किए हैं। टाउन प्रोटेक्शन वॉल के 108 रास्तों को बंद किया गया है और स्लुइस गेटों की निगरानी बढ़ाई गई है।
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पटना में गंगा के साथ-साथ पुनपुन और अन्य नदियों का बढ़ता जलस्तर भी चिंता का कारण बना हुआ है। कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है।
बिहार में गंगा के अलावा कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा समेत कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है।
कई जिलों में निचले इलाकों और गांवों के लोग भीषण बाढ़ का कहर झेल रहे हैं।सरकार ने बचाव और राहत के लिए NDRF और SDRF की टीमें तथा बड़ी संख्या में नावें तैनात की हैं।








