पटना- बिहार में गंगा कोसी और गंडक नदी उफान पर है. कई इलाके में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ और कटाव प्रभावित इलाके का दौरा कर हालात का जायजा लिया. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश भी दिए.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हालत को लेकर चिंतित हैं और वह लगातार प्रभावित इलाके का दौरा कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा है कि गंगा के तटवर्ती जिलों में प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव दौरा करेंगे. इसके अलावा बक्सर से कटिहार तक गंगा के तटवर्ती 13 जिलों के प्रभारी मंत्री और सचिव निगरानी करेंगे.
तमाम मंत्रियों को अपने-अपने जिलों में कैंप कर बढ़ते जलस्तर के बीच राहत एवं बचाव कार्यों का गहन पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया गया है. खासकर पटना शहरी क्षेत्र में गंगा के बढ़ते जलस्तर और सुरक्षा तटबंध के आसपास के इलाकों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है.
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जिन मंत्रियों को बाढ़ को लेकर अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है उसमें बक्सर के प्रभारी मंत्री नंद किशोर राम, भोजपुर के अरुण शंकर प्रसाद, पटना के विजय कुमार चौधरी, सारण के बिजेंद्र प्रसाद यादव, वैशाली के निशांत कुमार, बेगूसराय के रामकृपाल यादव, समस्तीपुर के दामोदर रावत, लखीसराय के सुनील कुमार, खगड़िया के मदन सहनी, मुंगेर के संजय पासवान, भागलपुर के नीतीश मिश्रा और कटिहार के प्रभारी मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी शामिल हैं.
मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सोन नदी से 65 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसके चलते नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है. गंगा नदी भी उफान पर है. सरकार हालात पर नजर बनायी हुई है. बांध और नहरों पर अधिकारी 24 घंटे निगरानी रख रहे हैं.
5 सितंबर को सुबह 9 बजे गांधी घाट गेज स्थल पर गंगा का जलस्तर 50.51 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.91 मीटर ऊपर है. जलस्तर में अभी वृद्धि की प्रवृत्ति बनी हुई है.
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नदी अपने उच्चतम जलस्तर 50.52 मीटर के करीब बह रही है. पूर्वानुमान के मुताबिक गांधीघाट पर नया उच्चतम जलस्तर यानी HFL बनने की संभावना है.
जल संसाधन विभाग ने गंगा के प्रवाह क्षेत्र, खासकर दियारा इलाकों में बढ़ते दबाव को देखते हुए सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.
तटबंध के नदी भाग में रहने वाले लोगों को जलस्तर बढ़ने की सूचना देने और जरूरत के अनुसार कार्रवाई करने को कहा गया है. साथ ही बाढ़ आपदा से निपटने के लिए जिलास्तर पर गठित टीमों की लगातार गश्ती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.








