रांची- झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र तय कार्यक्रम से एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया. संसदीय कार्यमंत्री के आग्रह पर स्पीकर ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की. स्पीकर ने कहा कि भारी मन से उन्हें ऐसा करना पड़ रहा है.
कार्यवाही के दौरान छात्रों के मुद्दे पर विपक्ष लगातार सरकार को घेरता रहा. सदन के नेता और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जब सरकार का पक्ष रख रहे थे, उस वक्त भी भाजपा विधायक वेल में पहुंचकर नारेबाजी करते रहे. हंगामे के बावजूद मुख्यमंत्री ने करीब 15 मिनट तक छात्रों और भर्ती परीक्षाओं को लेकर सरकार की स्थिति स्पष्ट की.
भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायक सीपी सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया है. उनके इतना कहते ही सत्ता पक्ष की ओर से हंगामा शुरू हो गया. इसके बाद भाजपा विधायक भी वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे.
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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें गलतफहमी थी कि विपक्ष में कोई रस बचा नहीं है. उन्होंने भाजपा की तुलना ‘परजीवी’ से करते हुए कहा कि ये लोग छात्रों की आड़ में अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि पहले बीजेपी के लोग गेरुआ वेश में लोगों को ठगते थे और अब छात्रों के वेश में लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं. मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली.
हेमंत सोरेन ने कहा कि परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वाली कंपनी टीडीपीएल उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की है. उन्होंने आरोप लगाया कि वहीं से साजिश रचकर बिहार और यूपी के लोगों के साथ मिलकर झारखंड के युवाओं को दिग्भ्रमित किया जा रहा है.
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मुख्यमंत्री ने भाजपा और आरएसएस पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में कभी तिरंगा नहीं ढोने वाले भाजपा और आरएसएस के लोग आज कंधों पर तिरंगा लेकर देश को दिग्भ्रमित करने में लगे हैं.








