रांची- दो दिवसीय झारखंड आदिवासी महोत्सव की शुरुआत आज से हो चुका है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व राज्यपाल ने संयुक्त रूप से महोत्सव का उद्घाटन किया. कल यानि सोमवार को शाम 4.30 बजे मुख्यमंत्री की मौजूदगी में समापन समारोह होगा.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आदिवासी महोत्सव के दौरान आंदोलन कर रहे युवाओं को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार युवाओं के अधिकार और उनके भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है.
उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर आंदोलन कर रहे युवाओं को न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है. जिन लोगों ने गड़बड़ी की है, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. गड़बड़ी करने वाले भी चिन्हित किए जा चुके हैं.
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आंदोलनरत छात्रों से अपील करते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है. छात्रों को न्याय मिलेगा और दोषियों को कठोर से कठोर सजा दी जाएगी.
सरकार उनके साथ खड़ी है और युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह संजीदा है. भावनात्मक अंदाज में सीएम ने कहा कि वे इसी मिट्टी में जन्मे हैं और इसी मिट्टी में दफन होंगे. इस बयान को राज्य और यहां के युवाओं के साथ उनके गहरे जुड़ाव के रूप में देखा जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि उन्हें अपने अधिकार के लिए किसी राजनीतिक दल की छत्रछाया की आवश्यकता नहीं है. युवा स्वयं अपनी ताकत हैं और अपने अधिकार के लिए आवाज उठाना उनका अधिकार है.
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उन्होंने राजनीतिक दलों पर युवाओं को भ्रमित करने की कोशिश का आरोप लगाते हुए कहा कि देशभर में अलग-अलग तरीके से राजनीतिक दल युवाओं को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रहे हैं. बड़े-बड़े विद्वान और पढ़े-लिखे लोग भी युवाओं को भ्रमित करने वाली गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने देखा कि किस तरह नौजवानों को डराने-धमकाने की कोशिश की गई. मीडिया की तरफ से भी छात्रों को डराने और बदनाम करने की कोशिश हुई. उससे काम नहीं चला तो लाठी-डंडा, गोलियां, पैलेट गन से मारने और घायल करने की कोशिश की गई.
उससे भी बात नहीं बनी तो देशद्रोही बना दिया गया. उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान का हवाला देते हुए कहा कि यह हर व्यक्ति को समान अधिकार देता है.
लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि देश आजाद हुए इतने साल बीत चुके हैं और हम आजादी के 100वें साल की ओर बढ़ रहे हैं, फिर भी समाज में काफी असमानता है. गरीब और गरीब होता चला गया, अमीर और अमीर. असमानता जितनी बढ़ेगी, देश में तनाव भी बढ़ेगा.
मंच से नौजवानों को संदेश देते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, “मैं भी बूढ़ा नहीं हूं. आपकी समस्या हमारी समस्या है. आपको पूरा आश्वासन देता हूं कि आपके साथ न्याय होगा. पारदर्शी तरीके से न्याय होगा.”
उन्होंने कहा कि सिर्फ आंदोलन के जरिए नहीं, बल्कि घर में जो बात होती है, उसे भी सुना जाएगा और उसके अनुरूप चीजें तैयार होंगी. युवाओं का आंदोलन सरकार की नीतियों और लोकतांत्रिक माहौल की वजह से ही आगे बढ़ सका है. सरकार इस मामले में पीछे नहीं हटेगी और युवाओं को न्याय दिलाने का प्रयास जारी रहेगा.








