रांची- JPSC-JSSC उम्मीदवारों का विरोध-प्रदर्शन के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, “हमने बातचीत का एक तरीका पहले ही तय कर लिया है. हम बातचीत के लिए तैयार हैं.
सरकार हर छात्र की समस्याओं को समझने के लिए उत्सुक है. अब हम छात्रों की बातों को जयपाल सिंह स्टेडियम की सीमाओं से बाहर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं. हमारा लक्ष्य ऐसे ठोस और बड़े सुधार करना है जो छात्रों की उम्मीदों को उनकी जरूरतों के हिसाब से पूरा कर सकें.
वहीं आंदोलनरत छात्रों के साथ सरकार की वार्ता से पहले मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की सूची को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ केवल छात्रों से सीधी बातचीत करेगी, किसी बाहरी व्यक्ति से नहीं.
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छात्रों द्वारा सौंपी गई 11 सदस्यीय सूची पर सवाल उठाते हुए मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा, “हम छात्रों के मुद्दों का समाधान निकालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन सूची में पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार का नाम क्यों जोड़ा गया है?
इससे साफ होता है कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और कोचिंग माफिया पर्दे के पीछे रहकर इस पूरे आंदोलन के नाम पर राजनीति चमका रहे हैं.”
इधर, रांची के सदर SDM कुमार रजत और ADM लॉ एंड आर्डर धनंजय कुमार प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बात करने मौके पर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने सरकार से वार्ता को लेकर छात्रों से बातचीत की. इसपर छात्रों ने कहा कि सरकार केवल छात्रों से बात करना चाहती है.
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वहीं, सूची पर छात्रों ने कहा कि अगर, शाम तक कमेटी के फैसले पर सूची में संशोधन किया जाएगा. तो जानकारी दे दी जाएगी.बहरहाल छात्रों के साथ सरकार की कब बात होती है इसपर सबकी नजर बनी हुई है.








