डेस्क- लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पहली बार रांची में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर टिप्पणी की है. कांग्रेस सांसद ने गुरुवार को कहा कि झारखंड समेत सभी सरकारों को छात्रों की बात सुननी चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए कदम उठाने चाहिए.
राहुल गांधी ने कहा, “चाहे कांग्रेस की सरकार हो, केंद्र सरकार हो या झारखंड की सरकार, हर सरकार को छात्रों की बात सुननी चाहिए और शिक्षा व्यवस्था को बदलने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए.” कांग्रेस झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार की सहयोगी है.
इससे पहले, कांग्रेस पार्टी के झारखंड प्रभारी के. राजू ने कहा कि उनके नेतृत्व में पार्टी के राज्य के नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा.
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राजू ने एक्स पोस्ट में कहा, “हमने प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत करने और ठोस समाधान सुझाने के लिए मंत्रिस्तरीय समिति गठित करने के मुख्यमंत्री के सकारात्मक एवं संवेदनशील फैसले के लिए उनका धन्यवाद किया.”
उन्होंने कहा कि झारखंड कांग्रेस न्याय की मांग कर रहे छात्रों के समर्थन में खड़ी है. राजू ने कहा कि देश के छात्रों को न्याय दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है. पांच और प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं.
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इधर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आंदोलन समाप्त करने के लिए बातचीत की पेशकश करते हुए बुधवार को कहा था कि पेपर लीक का मुद्दा राष्ट्रीय समस्या है.
‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच’ के बैनर तले 25 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में शुरू हुआ यह आंदोलन हाल के वर्षों में राज्य के सबसे बड़े छात्र आंदोलनों में से एक बन गया है.
प्रदर्शनकारी झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच सीबीआई अथवा राज्य के बाहर उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के पैनल से कराने की मांग कर रहे हैं.








