बिहार- बिहार के कोसी रेंज में पुलिस महकमे से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है. सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिले के 10 दारोगा को निलंबित कर दिया गया है.
कोसी रेंज के डीआईजी कुमार आशीष ने यह कार्रवाई की है. डीआईजी ने सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के भी निर्देश दिए हैं.
दरअसल, इस पूरे मामले की शुरुआत सहरसा जिले के सलखुआ थाना क्षेत्र से हुई. कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था.
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वीडियो में पुलिस अनुसंधान को प्रभावित किए जाने का मामला सामने आया था. वीडियो वायरल होने के बाद डीआईजी कुमार आशीष ने मामले की जांच के आदेश दिए.
जांच के दौरान सबसे पहले वीडियो में दिखाई देने वाले शख्स की पहचान की गई. इसके बाद उसे पकड़कर तलाशी ली गई. पुलिस के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति का नाम सतीश कुमार है, जो सलखुआ थाना क्षेत्र के बहुरउवा गांव का रहने वाला है.
तलाशी के दौरान उसके पास से एक लैपटॉप और पुलिस अनुसंधान से जुड़ी कई फाइलें बरामद हुईं. इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. जांच में यह भी सामने आया कि सतीश कुमार की सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिले के कई दारोगा से कथित सांठगांठ थी.
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आरोप है कि वह अक्सर सलखुआ थाने में मौजूद रहता था और लोगों से पैसे लेकर पुलिस अनुसंधान को प्रभावित करता था. इतना ही नहीं, वह पुलिस की केस डायरी लिखने का काम भी करता था. पुलिस का कहना है कि इस तरह वह अवैध रूप से जांच प्रक्रिया में दखल देता था.
इन पर हुई कार्रवाई-
सलखुआ थाना के थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह, पुलिस अवर निरीक्षक सुवेलाल पासवान, पंकज कुमार, जूही कुमारी, शिशुपाल रविदास, अरमोद कुमार, चन्द्रजीत प्रभाकर, पिंकी कुमारी, मनीषा कुमारी और घैलाढ़ थाना अध्यक्ष ज्योतिष कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. ये सभी पुलिसकर्मी सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिले में तैनात थे. डीआईजी ने इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के भी निर्देश दिए हैं.
इस कार्रवाई के बाद कोसी रेंज के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. फिलहाल पुलिस विभाग इस मामले की आगे की जांच कर रहा है और आरोपी दलाल के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है.








