रांची- झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर द्वारा डीजीपी को अपनी अतिरिक्त सुरक्षा वापस सौंपे जाने के मामले पर सूबे की सियासत गरमा गई है. इस मुद्दे पर मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने राज्य सरकार और सत्ताधारी गठबंधन पर तीखा हमला बोला है.
भाजपा के राज्यसभा सांसद और प्रदेश संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेता आदित्य साहू ने इस पूरे मामले को एक नौटंकी करार दिया है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज राज्य सरकार की कार्यशैली से न तो राज्य की जनता खुश है और न ही इनके खुद के विधायक या मंत्री.
उन्होंने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री द्वारा अतिरिक्त सुरक्षा वापस करना महज जनता की आंखों में धूल झोंकने का एक प्रयास है. उन्होंने कहा, यदि मंत्री आने वाले दिनों में फिर से सुरक्षा वापस ले लेते हैं, तो यह साफ हो जाएगा कि किसी खास स्वार्थ या अपेक्षा की पूर्ति के लिए यह पूरा नाटक रचा गया था.
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
वहीं, अमर कुमार बाउरी ने इसे झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन की अंदरूनी कलह और स्वार्थ की लड़ाई बताया. उन्होंने इस घटनाक्रम की तुलना रामायण के ‘कोपभवन’ प्रसंग से करते हुए कहा, “यह पूरी तरह से सत्ता की मलाई खाने के लिए आपस में चल रही अंदरूनी लड़ाई है.
जिस तरह माता कैकेयी कोपभवन में जाकर अपनी मांगें पूरी करवाती थीं, ठीक उसी तरह यह भी कोपभवन में गए हैं. जब तक इनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, यह नौटंकी चलती रहेगी.” अमर बाउरी ने स्पष्ट किया कि इस पूरे विवाद से आम जनता का कोई सरोकार नहीं है और यह केवल गठबंधन के अंदर चल रही खींचतान का नतीजा है.








