डेस्क- पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य कर दिया है।
सरकार के आदेश के मुताबिक, यह नियम सरकारी मॉडल मदरसों, सरकारी सहायता प्राप्त और बिना सहायता प्राप्त मदरसों पर तुरंत लागू होगा। नए आदेश के बाद अब क्लास शुरू होने से पहले सुबह की प्रार्थना सभा (असेंबली) में वंदे मातरम गाना जरूरी होगा।
इससे पहले मदरसों में सुबह की प्रार्थना के दौरान राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और कवि गुलाम मुस्तफा की ‘अनंत असीम प्रेममय तुमी’ (बांग्ला गीत) गाया जाता था। अब सभी मदरसों को इस आदेश को लागू करने के बाद इसकी रिपोर्ट भी विभाग को सौंपनी होगी।
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केंद्र सरकार ने 11 फरवरी को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए थे। आदेश में साफ लिखा था कि अगर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ साथ में गाए या बजाए जाएं, तो पहले वंदे मातरम गाया जाएगा। इस दौरान गाने या सुनने वालों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा।
आदेश के मुताबिक सभी स्कूलों में दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत बजाने के बाद ही होगी। नए नियमों के अनुसार, राष्ट्रगीत के सभी 6 अंतरे गाए जाएंगे, जिनकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकेंड है। अब तक मूल गीत के पहले दो अंतरे ही गाए जाते थे।
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