पटना- सुरक्षित नाव संचालन सुनिश्चित करने के लिए त्यागराजन एस. एम ने कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इनमें स्पष्ट कहा गया है कि सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले किसी भी हालत में नाव का परिचालन नहीं होगा.
बिना पंजीकरण के नाव चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और क्षमता से अधिक सवारी बैठाने की अनुमति नहीं होगी. केवल चिन्हित घाटों से ही नाव का संचालन किया जाएगा और खतरनाक घाटों पर पूर्ण रूप से रोक लगाई जाएगी.
पटना डीएम त्यागराजन एस. एम ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि तय मानकों का उल्लंघन कर नाव चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.
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डीएम ने जिला परिवहन पदाधिकारी और अंचल अधिकारियों को निर्देशित किया है कि नावों के निबंधन से जुड़े सभी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए. उन्होंने कहा कि प्रत्येक नाव का पंजीकरण अनिवार्य है. बिना निबंधन के किसी भी नाव का परिचालन नहीं होना चाहिए.
दरअसल, पटना जिले के कई प्रमुख घाटों जैसे दीघा पाटीपुल घाट, जेपी सेतु पूर्वी, मीनार घाट, कलेक्ट्रेट घाट, कंगन घाट, गायघाट, कच्ची दरगाह घाट, नासरीगंज घाट, हल्दी छपरा घाट, उमानाथ घाट और सीढ़ी घाट पर बड़ी संख्या में लोग नाव के जरिए आवागमन करते हैं.
डीएम ने कहा कि निरीक्षण के दौरान यह पाया गया है कि कई जगहों पर नावों में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया जा रहा है, साथ ही मवेशियों और छोटे-बड़े वाहनों को भी लादकर परिचालन किया जा रहा है. यह खतरनाक है और इस तरह की लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
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प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे नाव से यात्रा करते समय सुरक्षा मानकों का ध्यान रखें और ओवरलोडेड नावों पर सवारी न करें. इसके लिए पटना स्मार्ट सिटी और अन्य विभागों के माध्यम से घाटों पर पीए सिस्टम के जरिए जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है. अंचल अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और लोगों को सतर्क करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.








