डेस्क- सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि केस में उनके वॉयस सैंपल की जांच कराने की मांग वाली अर्जी को खारिज कर दिया है. यह मामला अमित शाह पर की गई टिप्पणी से जुड़ा है. अब कोर्ट में 11 मई को अगली सुनवाई और अंतिम बहस होगी.
दरअसल, यह मामला उस टिप्पणी से जुड़ा है जो राहुल गांधी ने साल 2018 में गृहमंत्री अमित शाह को लेकर की थी. इसी टिप्पणी से नाराज होकर सुल्तानपुर के हनुमानगंज निवासी भाजपा नेता विजय मिश्रा ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था. तब से यह मामला एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रहा है और अब यह अपने अहम पड़ाव पर पहुंच चुका है.
इस केस में कोर्ट ने पहले ही राहुल गांधी को अपना बेल बॉन्ड (जमानतनामा) भरने और अंतिम बहस के लिए तैयार रहने को कहा था. लेकिन इसी बीच शिकायतकर्ता पक्ष ने एक नई मांग रख दी. उन्होंने अर्जी दी कि राहुल गांधी के वॉयस सैंपल को फॉरेंसिक लैब भेजा जाए, ताकि उनके उस कथित बयान की असलियत पता चल सके.
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पिछली सुनवाई पर दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस हुई थी, जिसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और शनिवार को वही फैसला सुनाया गया.
अब अदालत ने यह साफ कर दिया है कि वॉयस सैंपल की जांच की कोई जरूरत नहीं है और इस मांग को ठुकरा दिया है. इसके साथ ही कोर्ट ने पुरानी प्रक्रिया को ही आगे बढ़ाने का फैसला लिया है.
अब 11 मई को राहुल गांधी को अपना जमानतनामा पेश करना होगा और उसी दिन केस में फाइनल बहस भी होगी. कोर्ट के इस रुख से एक बात तो साफ है कि अब यह पूरा मामला अपने आखिरी दौर में पहुंच गया है.
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हालांकि, शिकायतकर्ता पक्ष इस फैसले से संतुष्ट नहीं दिख रहा है. उनके वकील संतोष पांडेय ने संकेत दिए हैं कि वे कोर्ट के इस आदेश को चुनौती देंगे और सेशन कोर्ट में ‘रिवीजन’ अर्जी दाखिल करेंगे.








