डेस्क- महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, पीएम कह रहे हैं कि उन्हें इसका श्रेय नहीं चाहिए। बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं पहचान लेती हैं। सावधान हो जाइए नहीं तो पकड़े जाएंगे।
2023 में मोदी सरकार ने जब यह बिल पास किया तो हमने उसका समर्थन किया। आज भी उसमें कोई शक नहीं होना चाहिए कि कांग्रेस इसका समर्थन नहीं करेगी। हम डटकर खड़े हैं। आज की चर्चा महिला आरक्षण पर नहीं है। मैंने इसका प्रारूप पढ़ा है।
सबसे पहले इसमें लिखा है कि महिला आरक्षण 2029 तक लागू हो, हम सहमत हैं। दूसरा है कि सीटों की संख्या 850 तक बढ़ाई जाएगी। इसके लिए परिसीमन आयोग बनाया जाएगा जो 2011 की जनगणना को आधार बनाएगा।
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इसकी गहराई में जाएं तो इसमें राजनीति की बू घुली हुई है। 2023 के बिल में दो चीजें थी जो इसमें नहीं है। उसमें लिखा था कि नई जनगणना कराई जाएगी। प्रियंका गांधी ने कहा, अब क्यों मन बदल गया, इतनी जल्दबाजी क्यों।
आज पीएम महोदय ने भले हल्के में बोल दिया कि इस वर्ग उस वर्ग को बाद में देख लेंगे। कौन सा वर्ग पिछड़ा वर्ग। हम इनकी मांग कर रहे हैं इन्हें अपना हक मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएम किस बात से घबरा रहे हैं। इस बात से न कि जब नई जनगणना होगी तो ओबीसी के नए आंकड़ें निकलेंगे तो पता चलेगा कि यह वर्ग कितना मजबूत है।
2011 की जनगणना को परिसीमन का आधार बनाकर मोदी जी उनका हक छीनना चाहते हैं, कांग्रेस यह होने नहीं देगी। इस बिल में और भी कमी है कि संसद में 50% विस्तार का प्रस्ताव है लेकिन इस परिवर्तन के नियम क्या होंगे उसके बारे में कोई डिटेल नहीं है।
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प्रियंका गांधी ने कहा, ‘543 में से महिलाओं को 33% आरक्षण क्यों नहीं दे रहे। अगर पद खोने का डर नहीं तो कुछ लोग इसमें अपना पद खो दें। ताकि महिलाएं और ओबीसी वर्ग आ सके। ये आज ही कर दें, शुभ काम हो जाएगा काला टीका भी काम आ जाएगा।’
‘देश की महिलाओं के नाम पर देश के बुनियादी ढांचों से खिलवाड़ नहीं हो सकता। संसद को कमजोर करके सत्ता कायम रखने की साजिश हो रही है। यह आपकी हस्ती, पद और गरिमा के अनुकूल है।’
प्रियंका गांधी ने कहा, ‘पीएम के खोखले आश्वासनों के बावजूद संसद में राज्यों की मौजूदगी बदल जाएगी। जिस तरह असम में उन्होंने मनचाही सीटों को काटा, नई सीमाएं बनाएं उसी तरह यह देश में करेंगे।
‘परिसीमन आयोग में सरकार द्वारा चुने गए तीन लोग देश के लोकतंत्र को खत्म करेंगे। अगर ये बिल पास होता है देश में लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। मौजूदा सरकार जनता की आंखों में धूल झोंक रही है। ये ओबीसी वर्ग का हक छीन रहे हैं, ताकि कुछ प्रदेशों की ताकत कम किया जा सके।’
प्रियंका ने आगे कहा, शाह जी हंस रहे हैं, पूरी प्लानिंग बना रखी है। चाणक्य आज जिंदा होते तो वो भी चौंक जाते। अचानक प्रदेशों में चुनाव के दौरान सदन की बैठक बुलाओ।
प्रारूप सिर्फ एक दिन पहले सावर्जनिक करो। मीडिया में चर्चा कराओ कि मोदी जी महिला उत्थान के लिए बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। सबको इनका साथ देना चाहिए। ये करके विपक्ष को धर्मसंकट में डाल दो। एक तरफ महिला आरक्षण दूसरी तरफ काट-छाट की आजादी।’
उन्होंने कहा, ‘राजनीति में कुटिल होना अपनी जगह है लेकिन सत्ता बनाए रखने की महात्वांक्षाओं बनाए रखने के लिए देश में सही फैसले लेने चाहिए। पीएम पर बहुत दबाव है इंटरनेशनल प्रेशर है। इसलिए उन्होंने महिला आरक्षण मुद्दा उठाया।’








