रांची- राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल उल्लंघन का मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है. इस मुद्दे को लेकर बीजेपी बंगाल सरकार पर हमलावर है. रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ हुए इस व्यवहार को एक आदिवासी मुख्यमंत्री का अपमान बताते हुए ममता बनर्जी के व्यवहार की तीखी भर्त्सना की है.
झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने इसे एक महिला और आदिवासी समुदाय से आने वाली बेहद विनम्र राष्ट्रपति का अपमान करार दिया.
उन्होंने कल से झारखंड भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा द्वारा राज्य के हर प्रखंड में ममता बनर्जी का पुतला फूंकने की घोषणा की गई है. आदित्य साहू ने कहा कि जिस तरह से इस राज्य के मुख्यमंत्री चुप्पी साधे हुए हैं, वह बेहद चिंताजनक है.
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रक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि बात-बात में खुद को आदिवासियों के हितों के रक्षक बताने का दावा करने वाले झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस मामले में चुप्पी क्यों साधे हुए हैं.
उन्हें अपनी बात कहनी चाहिए. यह हैरानी की बात है कि एक संथाल के कार्यक्रम में भाग लेने गईं देश की आदिवासी राष्ट्रपति का अपमान हुआ है और मुख्यमंत्री का इसके विरोध में एक भी शब्द नहीं आया है.
वहीं, बोकारो में झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस घटना की तीव्र निंदा करते हुए इसे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बौखलाहट का परिणाम करार दिया.
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