रांची- असम में इस वर्ष विधानसभा का चुनाव होना है. 126 विधानसभा सीट वाले इस राज्य में 19 सीट अनुसूचित जनजाति और 9 सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं. ऐसे में झारखंड की सत्तारूढ़ राजनीतिक दल झारखंड मुक्ति मोर्चा ने असम का चुनाव लड़ने का ऐलान किया है.
झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने दुमका में पार्टी की स्थापना दिवस समारोह के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की इशारों-इशारों में कही बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि झामुमो इस बार असम चुनाव लड़ेगा.
उन्होंने कहा कि जेएमएम के चाहने वाले और फॉलोवर्स, खासकर आदिवासी समुदाय का पूरा समर्थन झामुमो के साथ है. ऐसे में उनके सहयोग से वहां के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को राजनीतिक सबक सिखाया जाएगा.
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जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि जेएमएम ने पूरी गंभीरता से असम विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है. मनोज पांडेय ने कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव में असम से आकर एक नेता बड़ी-बड़ी बाते करते थे. वह यहां तो कुछ नहीं कर पाए, लेकिन जेएमएम नेता हेमंत सोरेन का जलवा असम विधानसभा चुनाव में दिखेगा.
इधर, जेएमएम के असम में चुनाव लड़ने की घोषणा पर कांग्रेस प्रदेश महासचिव राकेश सिन्हा ने कहा कि असम में हमारी कोई लड़ाई झामुमो से नहीं होगी. अगर उनकी ओर से असम चुनाव लड़ने की बात कही जा रही है तो उस पर शीर्ष नेतृत्व फैसला लेगी.
उन्होंने कहा कि इसमें भाजपा को खुश होने की जरूरत नहीं है. क्योंकि अब बीजेपी असम की सत्ता से जाने वाली है और कांग्रेस की सरकार बनने वाली है.
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