पटना- बिहार में अतिक्रमण हटाओ अभियान के खिलाफ लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. रविवार को दानापुर नहर पर वर्षों से बसे मांझी समाज के लोगों के घर को भी आज तोड़ा गया है, जिसका लोगों ने जोरदार विरोध किया.
पटना की सड़कों पर उतरकर महिलाओं और पुरुषों ने रोष जताया. इस दौरान महिलाओं ने इसी समाज से आने वाले नीतीश सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन की गाड़ी को रोक दिया.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हमलोग सालों से बेली रोड नहर पर घर बनाकर रह रहे थे लेकिन प्रशासन ने अचानक हमारे आशियाने को उजाड़ दिया. अब हम लोग कहां जाएंगे. बिना कोई वैकल्पिक व्यवस्था किए नीतीश सरकार ने हमारे घर को तोड़कर हमें बेघर कर दिया. सरकार को ऐसा नहीं करना चाहिए.
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संतोष सुमन मांझी के सामने ही लोगों ने ‘मांझी मुर्दाबाद’ के नारे तक लगाए. इनका कहना है कि न तो गरीबों की सरकार बताने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमारी सुन रहे हैं और न ही हमारे समाज से आने वाले मंत्री संतोष सुमन मदद कर रहे हैं.
वहीं, भीड़ से घिरे मंत्री संतोष सुमन ने कहा कि उनको मामले की जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि जब तक पूरी बात पता नहीं होगी, वह कुछ नहीं बोल सकते हैं. जहां तक वैकल्पिक व्यवस्था की बात है तो हमारी सरकार गरीबों की है. किसी के साथ अन्याय नहीं होगा.
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