रांची- पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने हेमंत सरकार पर जमकर निशाना साधा है. मीडिया से बातचीत करते हुए बीजेपी नेता चंपाई सोरेन ने कहा कि जिस तरह से शिड्यूल एरिया को कम किया जा रहा है, वह ठीक नहीं है. उन्होंने नये साल 2026 को जन आंदोलन का साल कहा है.
पूर्व सीएम चंपाई सोरेने ने अपने छोटे से कार्यकाल को इंटरवल का हीरो बताते हुए बताया कि वो पांच महीने का कार्यकाल इस छह साल की सरकार पर भारी पड़ेगा.
उन्होंने प्राइवेट कंपनी को पश्चिम सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत उदाजो में 271.92 एकड़ भूमि पर वन लगाने के लिए स्थाई तौर पर दिए जाने का विरोध किया. उन्होंने कहा कि इसके बाद भी कैबिनेट की बैठक में 559 एकड़ जमीन फिर से हिंडाल्को को दी गई है.
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चंपाई सोरेन ने कहा कि हमारा मकसद वनारोपण का विरोध करना नहीं है. लेकिन हमारा सवाल यह है कि जब कोयला खदान पलामू प्रमंडल में पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, तो उसकी भरपाई वहां क्यों नहीं की जा रही है?
चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार से पूछा कि बताए बिना किसी विस्थापन नीति के यह जमीन छीनने की वजह क्या है? क्या इसके लिए ग्राम सभा से अनुमति ली गई है? तो फिर यह निर्णय कैसे लिया गया.
चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि सारंडा में राज्य सरकार ने बिना सोचे समझे वाइल्ड लाइफ सैंक्चुअरी बनाने का निर्णय कैसे ले लिया वहां रहने वाले वन्य जीवों की रक्षा होनी चाहिए और हम लोग भी इसी के समर्थन में हैं. लेकिन इसके साथ ही वहां रहने वाले आदिवासियों का क्या होगा? उनके लिए आपके पास क्या प्लान है? उन्हें उजाड़ने का अधिकार आपको किसने दिया?
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